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सपा महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष को पीटने वालों पर 14 साल कि सजा वाली धारा लेकिन गिरफ्तार केवल एक

  • नामजद लोंगो को ढूंढ़ नहीं पा रही मुगलसराय कि पुलिस तो रोहिताश हत्या कांड का क्या करेगी खुलासा
  • आरोपियों में दो महिला फिर भी पुलिस के पकड़ में नहीं आ रही आरोपी

गार्गी पटेल को पीटने वाले भाजपा मंत्री के हाथो बंधवा रहे पगड़ी, कंधे पर भाजपा का पट्टा




Chandauli news : रोहिताश हत्याकांड का खुलासा करने में असफल मुगलसराय कि पुलिस ज़ब नामजद मुकदमा वाले आरोपियों को पकड़ नहीं पा रही है। तब वह एक क़यास वाले हत्यारे को क्या खाक पकड़ पायेगी। जिसके पहचान के लिए पुलिस के पास कुछ भी नहीं। यह बात अलग है कि रोहिताश कि तरह यहां भी एक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल को उनके ही आवास में घुसकर आधा दर्जन लोंगो ने केवल सामान्य मारपीट नहीं किया बल्कि जान से मरने कि नियत से कई वार किये। हलांकि महिला भी उन सभी के प्रहार को बर्दाश्त कर लिया। जिसके बाद आरोपी मारपीट कर पूरी तरह थक कर चले गए। तब जाकर आसपास के लोंगो ने महिला को ईलाज के लिए ले जिला अस्पताल ले गए। पुलिस को खबर दिया गया। पुलिस के अलावा जो कोई इस घटना के विषय में सुन रहा था अस्पताल से लेकर घर तक सांत्वना देने पहुंच रहे थे।


इसमें घटना के बाद सपा व भाजपा भी आमने सामने दिखी। पीड़ित महिला ने जिन लोंगो पर आरोप लगाया उसमें सभी पूर्व ब्लाक प्रमुख विद्यापीठ प्यारे लला यादव कि पत्नी बेटी और बेटा के साथ साथ एक वाराणसी का आरोपी है। जिनकी समाजवादी पार्टी के होने के बाद भी पिछले दिनों भाजपा के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के हाथों पार्टी का पट्टा व पकड़ी बांधते देखे गए है। इसके बाद भी पुराने भाजपाई उन सभी को सपा का ही आदमी बता रहे। अब इसे लेकर सपा भाजपा आमने सामने है। गार्गी को न्याय कि बात दूर आरोपी सपा का है या भाजपा का यही तय नहीं हो पा रहा। उधर पुलिस भी सीधे कार्यवाही करने से बच रही है। जबकि गार्गी ने जो शिकायती पत्र दिया है उसमें प्यारे लाल कि पत्नी उर्मिला यादव, बेटी मोनी यादव व उनके दोनों पुत्र अमित व मनोज के आलवा सिद्धांत जायसवाल भी है। जो शिकायत है उसके आधार पर सभी के खिलाफ बीएनएस कि धारा 333, 115(2), 351(2) व 309(04) के तहत मुकदमा दर्ज है।
जानकारों का कहना है कि बीएनएस कि धारा 333 में सात वर्ष कि सजा है। जबकि 309(4)सूर्योदय से पूर्व या सूर्यास्त के बाद घर में घुसकर मारपीट व लूट में 14 वर्ष कि सजा है। मतलब पुलिस को गिरफ्तार करने का भरपूर मौका हुआ। लेकिन यहां पुलिस केवल कोरमपूर्ति करते हुए एक को गिरफ्तार करते हुए अपनी पीठ थपथपा रही है। ज़ब नामजद लोंगो को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है पुलिस तो यह रोहिताश पाल के हत्या का खुलासा कर पायेगी।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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