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वाह रे चंदौली कि पुलिस : चोर को पकड़ने में तो खुद फिसड्डी, पकड़ कर देने के बाद भी दर्ज नहीं किया मुकदमा

  • रामजानकी मंदिर में चोरी करते रंगे हाथ पुजारी ने पकड़ा था चोर
  • तहरीर लेकर थाने पहुंचे पुजारी तो दिवसाधिकारी ने किया बड्सलुकी
  • Chandauli news : पुलिस रात्रि गश्त करने के बजाय इस उमस भरी गर्मी में वातानुकूलित यंत्र के नजदीक  रहने को ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इस का बात का पता संभवत: चोरों को भी है। यही कारण  है कि नगर के सबसे प्रमुख श्रीराम जानकी शिव मठ मंदिर में बुधवार  की रात्रि को चोरों ने बेखौफ होकर चहलकदमी किया। दान पेटी से धन निकालने में पिछले कई बार की तरह इस बार भी वह सब कामयाब  हो गये लेकिन इस बार थोडी सी चूक मे एक पकड़ा गया। जिसे पुलिस के हवाले कर दिया। अब पकड़े चोर के शिनाख्त पर अन्य को पकड़ने के बजाय पुलिस मंदिर के पुजारी से ही बड्सलुकी पर उतारू हो गयी। बुधवार को मंदिर से चोरी का सामन चोर पालीथीन  में इसे समेट ही रहे थे कि  भोर हो जाने के कारण महिलाएं मंदिर  में पूजन के लिए  आने लगीं। महिलाओं के चाहलकदमी से कुछ तो सरक लिए लेकिन  एक पर महिलाओं की निगाह पड गयी। उन सभी ने हल्ला मचाया। जिससे चोर सकपका गया और पंडित जी दौड़कर उसे पकड लिए । सुबह के लगभग पांच बज रहे थे। श्रद्धालु भी जुटने लगे थे। तत्काल मंदिर  के आचार्य पंडित दीनानाथ त्रिपाठी को फोन हुआ, उधर डायल 112 पर भी फोन हो गया। पुलिस आ गयी। चोरी करने आये युवक ने अपना अपराध  कुबूल भी कर लिया। आचार्य पुलिस जनो को मंदिर  में ही लिखित तहरीर  अपने मोबाइल नंबर के साथ देना चाहते थे। लेकिन  उन लोगों ने दो टूक कहा नहीं इसके लिए थाने आइये।  जब आचार्य  तहरीर  लेकर  थाने पहुंचे। वहां मौजूद  पुलिस कर्मियों ने जो दुर्व्यवहार किया। आचार्य को उसकी उम्मीद संभवत: सपने में भी किंचित नहीं रही होगी।थाने में दिवसाधिकारी के डेस्क  पर सुबह लगभग  सात बजे बिना वर्दी के बैठे श्रीमान ने आचार्य के तहरीर  देने की पहल करने पर कहा। सब लोग 10 बजे आयेगें। उसी समय यह सब दिजियेगा।  “आप तो रात भर सोकर यहां आये हैं।” अब यहां लोग सो रहे हैं। आचार्य  जो यह सोचकर गये थे कि हम लोग तो पुलिस का काम आसान करते हुए चोर पकडकर  सौंपे हैं। इस पर थाने में शायद प्रशंसा मिले। प्रशंसा कौन कहे। यहां तो पूरी दिनचर्या का ही बखान हो गया। पुलिस  के इस उपेक्षा पूर्ण व्यवहार से नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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