- 200 वर्ष पुरानी काली मंदिर के तोड़े जाने के दौरान नहीं था कोई जिम्मेदार
- मस्जिद के बाद मंदिर तोडे जाने पर तमाशा देख रहे थे तमाशबीन, मंदिर के मलबे में दबकर एक कि मौत

Chandauli news : सड़क निर्माण के दौरान बीच में आ रही मुगलसराय स्टेशन के सामने स्थित प्राचीन काली माता मंदिर के ढांचे को मूर्ति के नए मंदिर में प्रवेश कराने के बाद ढहा दिया गया। लगभग तीन माह से विरोध के बाद जब मंदिर को तोड़ा जा रहा था तो भारी संख्या में भीड़ तमाशा देख रही थी। जिसे हटाने के दौरान ना ही यातायात व्यवस्था को रोका गया। ना ही सुरक्षा व्यवस्था के तहत मुग़लसराय कि फ़ोर्स वहां रही। गुंबद गिरने से पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी की मौत हो गयी और दूसरा घायल हो गया। हादसा होने के बाद एसी में सो रहे अधिकारी आपा धापी में मौके पर पहुंचे।
मंदिर तोड़े जाने के दौरान बुलडोजर चल रहा था। जिसमें PWD कर्मचारी बलदेव रस्सा पकड़ कर खड़े थे। ध्वस्तीकरण के दौरान भारी-भरकम गुंबद अचानक गिर गया। गिरते समय गुंबद बुलडोजर के बकेट से टकराने के बाद दूसरी खड़े बलदेव को कुचलते हुए सड़क पर जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर ध्वस्तीकरण का कार्य कुछ समय के लिए रोक दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि अधिकारी व मंत्री के आगमन पर जिस रास्ते को एकल दिशा कर दिया जाता है उक्त रास्ते पर मंदिर तोड़े जाने के दौरान यह लापरवाही देखी गयी।