- पीड़ित के पास भारी वाहन चलाने का नहीं है लाइसेंस

Chandauli news : शाहबगंज के नवागत एसओ पर माननीय का दबाव हावी है। घटना चाहे लूट कि हो या हत्या माननीय जो कहेंगे वही थाना प्रभारी करेंगे। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जो दो दिन पूर्व हाइवा चालक को मारपीट कर लहूलुहान करते हुए 49 हजार लूट लिए थे। जिसकी तहरीर भुक्तभोगी ने थाने पर दिया। लेकिन पुलिस इसे केवल एक्सीडेंट में तब्दील कर दिया।

गुरुवार के देर शाम सदर कोतवाली के नवहीं पुलिया के पास एक हाइवा व ऑटो चालक में इस बात को लेकर विवाद हो गया कि हाइवा चालक ने जगह न होने के कारण ऑटो को पास देर से दिया। इसके बाद ऑटो चालक पास मिलने के बाद भरी सवारी हाइवा के आगे लगा कर गकी गलौज करने लगा। लोकल होने के कारण चालक भी तनिक नहीं दबा। स्थिति हो गयी कि कांटा के समीप परिजनों से अपने सड़क पर ईंट रखवाकर हाइवा को रोकने का प्रयास किया। माहौल भांपकर हाइवा चालक तेज गति से भाग निकला। जिससे ऑटो में हल्का टक्कर हो गया। उसी वाहन से पुनः आधा दर्जन से अधिक लोग लाठी डंडे से लैस होकर दौड़ाए। जो विशुनपुरा पेट्रोल पम्प के पास भारत माला में लगे वाहनों के कारण हाइवा संचालक फंस गया। जिसके बाद आधा दर्जन से अधिक लोंगो ने चालक बबलू को जमकर लाठी डंडे से पीटे। जिससे वह बेहोश हो गया। चालक ने बताया कि हो में आने पर देखा तो उसके केबिन का काँचा टूटा पड़ा है। जिसमें रखा 49हजार गायब था। मारपीट से चालक के घायल होने पर हमलावर भाग निकले। थाने पर मुकदमा भी दर्ज न हो इसके लिए भाजपा के एक माननीय के टेलीफोनिक सम्पर्क में आ गए। स्थिति यह हुआ कि पुलिस घायलवस्था में पहले तो ड्राइवर का मेडिकल करायी। लेकिन माननीय के फोन जाने के बाद मामला तत्काल उलट गया। अब थाना प्रभारी भी चार्ज लेने साथ ही लूट कि घटना पर जाबाब तलब न होने पड़े उनके लिए भी यह सबसे अच्छा मौका था।
इसके बाद पीड़ित का मेडिकल होने के बाद ही तत्काल उसे कागजी चक्रव्यूह में पुलिस फ़ाँसना शुरू कर दी। लाइसेन्स जो कि फिलहाल ड्राइवर के पास एलएमवी का था। जिसपर भारी वाहन चलाने कि अनुमति नहीं। जो पुलिस के लिए मौका मिला गया। अब लूट कि घटना को सामान्य मारपीट में तब्दील करते देर नहीं लगा। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन का कहना है कि जांच करा रहे है।