- पुलिस भी नहीं मान रही हार, क्राइम पर काम के साथ अतिक्रमण कारियों के खिलाफ भी अभियान
Chandaulli news : मुगलसराय के लिए एक कहावत बहुत ही चरिथार्थ है…. यह कहावत ऐसे ही नहीं चर्चित हुआ होगा। इसकी बानगी देखना है तो इसके लिए मुगलसराय पहुंचना होगा। अन्यथा दूर से ऐसे लोंगो को निरीह का संज्ञा दे दिया जायेगा या फिर इसपर राजनितिकरण हो जायेगा। हलांकि वर्तमान में यहां राजनीति बैकफुट हो चुकी है। प्रशासन को भारी जनसमर्थन मिल रहा है।

हुआ यह कि एसपी आकाश पटेल अपने आगमन के साथ ही यातायात को लेकर गंभीर हो गए। मुगलसराय में बीच सड़क ठेला खुमचा लगाने वालों को हिदायत दी गयी। इसी बीच सड़क चौरीकरण कि जद मे मकान भी आ गये। तोड़ फोड़ के साथ सड़क चौरीकरण तो हुआ लेकिन इसका लाभ नहीं दिख रहा था। कारण कि ठेला खुमचा वाले सड़क पर अपनी दुकान लगा रहे थे।
इसके लिए तत्कालीन एसओ कि नाकाबलियत भी दिखी। अंततः एसपी को खुद बैठक करना पड़ा। पुलिस अधीक्षक के विशेष रूचि को देखते हुए मुगलसराय प्रशासन भी अपने रुख कड़ा किया। जिसके बाद ब्यापारी दबाव बनाकर अतिक्रमण करने के लिए धरनारत हो गए। हलांकि यह लोग अपने लिए मंडी कि मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन ने स्थान भी दे दिया। लेकिन यह लोग कुछ दिन तो समझौता के हिसाब से अपने दुकान लगाए। लेकिन एक बार फिर से शुरू हो गए। इन लोंगो को लगा कि प्रशासन चार दिन में अब भूल गयी। दुकानदार अपने दुकान को नाली पर बाहर निकालकर लगाने लगे। एक बार फिर से अतिक्रमण का रुपरेखा बनते देख बिना किसी देर किये मुगलसराय एसओ अर्जुन सिंह लाव लस्कर के साथ पहुंच गए। फिर दुकानादारों को अपनी दुकान तय सीमा के अंदर ही लगाने कि हिदायत ही नहीं दिए बल्कि अंदर दुकान कराये।