- तोड़ फोड़ के पहले कोतवाली में फ़ोर्स के साथ मॉक ड्रिल
- हर तरफ केवल खाकी सिविल में केवल एसडीएम व इओ

Chandauli news : मुगलसराय में आख़िरकार गुरुवार को एसडीएम व सीओ कि दृढ इच्छा ने बुलडोजर को गरजा दिया। गरजती बुलडोजर का एक एक बाकेट इन दोनों अधिकारियों के दृढ इच्छा को मजबूत कर रहा था। वही अतिक्रमण कारियों के हौशले जमींडोज हो रहे थे। अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पिछले दिनों बकायदे घोषणा कराया गया था। जिसके बाद ब्यापारियों ने अपना विरोध भी बैठक के माध्यम से कराया। लेकिन कोतवाली में एसडीएम अनुपम मिश्रा, सीओ अरुण सिंह व ईओ के नेतृत्व में हुयी बैठक में यह जाहिर कर दिया कि अब किसी को कोई ना तो समय दिया जायेगा और ना ही बक्शा जायेगा।
व्यापारियों के विरोध को देखते हुए कोतवाली पुलिस से एसडीएम ने ऐसे विरोधियों कि सूची तलब कर ली जो लोग मुख्य भूमिका में रहे। मुगलसराय थाना प्रभारी ने चंद्रेश्वर जायसवाल, राजीव जायसवाल, वरुण जायसवाल, अंकुर जायसवाल, सौरभ जायसवाल सहित 10 लोंगो के नाम 126/ 135 कि रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय को भेज दिया। जिसके आधार पर एसडीएम ने सभी को पांच पांच लाख से एक वर्ष के लिए पाबंद कर दिए।
अवैध निर्माण के बाद एक तरफ से आर्थिक चोट कि जानकारी होते ही विरोध करने वालों के पैर जहाँ के तहाँ रुक गए। उधर प्रशासन पूरे लाव लश्कर के साथ नगर में पहले अपने दो दो बुलडोजर जैसे यह लग रहा था एक सीओ दूसरा एसडीएम अतिक्रमण स्थल पर पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था में लगी मुगलसराय के अलावा बलुआ, शाहबगंज, चक्रघट्टा, अलीनगर के अलावा पुलिस कार्यालय के एक दर्जन साइड लाईन वाले इंस्पेक्टर व पीएससी के जवान लगाए गए थे। जिन्हे सीओ अरुण कुमार सिंह ने कोतवाली में प्रशिक्षण दिया। सभी को बाड़ी प्रोटेक्टर हेलमेट व लाठी के साथ मुस्तैद कराकर अतिक्रमण स्थान पर पहुंच गए। दोनों बुलडोजर के ड्राइवरों को भी एक साथ मशीन स्टार्ट करने के लिए आदेश ऐसे दिया जा रहा था जैसे 11 बजे का मुहूर्त था। तोड़ फोड़ से पहले सरकारी निरोधात्मक कार्यवाही के विषय में एसडीएम व सीओ से भीड़ को बताया इसके बाद बुलडोजर तोड़ फोड़ शुरू कर दी।