- आवारा पशु किसानों के धान कि नर्सरी को कर रहे तबाह
- सीवीओ व बीडीओ के बीच पैसे को खर्च को लेकर तानातनी

Chandauli news : आवारा पशु किसानों के फलस को नुकसान न करने पाए इसके लिए आवारा पशुओं को पकड़वाकर उन्हें गौशाला में भेजा जाय। यह आदेश लगातार अधिकारीयों को जिलाधिकारी बैठक कर देते रहते है। यहां तक कि कुछ जगह से सीधे शिकायत पर भी पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए है। लेकिन उनके आदेश को सीवीओ ठेंगे पर रखते है।

एक तरफ नहरों में पानी के आभाव के कारण किसानों के धान कि नर्सरी प्रभावित हो रही है। इसके बाद भी किसी तरह किसान पम्प सेट आदि वैकल्पिक व्यवस्था से नर्सरी डाले पड़े है तो उन्हें आवारा पशु तबाह कर रहे है। जब इसके लिए पशुपालन विभाग से शिकायत किया गया तो यह लोग पकड़वाने कि जिम्मेदारी बीडीओ व सेकेट्री के उपर डालकर अपना पल्ला झाड लेते है। सेकेट्री का कहना है कि पकड़वाने के लिए बजट नहीं है। अब इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करने के बाद भी विभाग के कानों पर जूँ नहीं रेंगा। यह बात अलग है कि शिकायत कर्ता कि जानकारी मिलने का बाद उससे समस्याओं का रोना रोकर पशुपालन विभाग अपना पल्ला हल्का करने में पूरी ऊर्जा लगा दिए। कुछ ऐसा ही नजारा में है। जहाँ दर्जन भर आवारा पशु धान कि नर्सरी ख़राब कर रहे है। वही रात्रि में में रोड़ पर जाकर बैठ जा रहे जो दुर्घटना को दावत दे रहे। यहां सेकेट्री त्रिलोकी सिंह से बात करने पर वह पशुपालन विभाग का काम है बता कर पल्ला झाड लेते है। अब सरकारी मशीनरी के इस तरह कि बयानबाजी व जिलाधिकारी के वातानुकूलित कक्ष के बैठक में काफ़ी अंतर दिख रहा है।