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आरोपियों के गिरफ्तारी में मुगलसराय फिसड्डी, गांजा व शराब का कारोबार नंबर एक पर

  • जुआ व शराब कि तस्करी पकड़ी जोर स्वाट व सर्विलांस के सहारे दिखा रहे गुडवर्क
  • जिले के गांजा तस्करों को पकड़ने में न स्वाट ना थाना प्रभारी दिखाते दिलचस्पी



Chandauli news: रोहिताश पाल हत्याकांड के बाद कानून व्यवस्था चरमरा गयी। यहां से तीन तीन इंस्पेक्टर का ट्रांसफर हो गया। जिसमें संतोष सिंह को पड़ाव में जुआ होने के मामले में हटना पड़ा था। वही राजेश सिंह शराब तस्करी में निलंबित हो गए। इतनी बड़ी कार्यवाही के बाद मुगलसराय का कमान 2013 बैच के दरोगा विजय प्रताप सिंह को दिया गया। लेकिन इनके आने के बाद एक बार फिर से अवैध कार्य जोर पकड़ लिया है।
थानों पर फरियाद करने पहुंचने वालों से सीधे मुंह बात न करने वाले थाने प्रभारी के कार्यकाल में एक बार फिर से अवैध रूप से शराब तस्करी का झोला गैंग सक्रिय हो गया। देशी शराब कि दुकान पर जहाँ 24 घंटे शराब बिक रही है। वही अंग्रेजी शराब कि दुकान से झोला गैंग शराब लेकर ट्रेन के सहारे बिहार तक पहुंच रहे है। जिसकी कमान मुख्यमंत्री सुरक्षा से लौटकर आने के बाद सीधे मुगलसराय में पोस्टिंग पाने वाले दीवान संभाल रहे।
सूत्रों कि माने तो दिन में ड्यूटी के बाद रात्रि में यह दीवान तस्करों का संरक्षक हो जा रहा। उनके इस कार्य में मुगलसराय के जीआरपी थाने पर तीन वर्ष का कार्यकाल ब्यतीत करने के बाद पुनः सिविल पुलिस में आमद कराने वाला दिवान शराब को किस रास्ते से ले जाना है कौन सी ट्रेन सबसे ज्यादा सुरक्षित है यह जिम्मेदारी निभा रहे। हलांकि आरोप प्रत्यारोप भी न लगने पाए इसके लिए काबिल थाना प्रभारी उसकी पोस्टिंग थाने कि बजाय चौकी पर कर दिए है। जो रात्रि में थाने कि गाड़ी का चालक है। दिन और रात के चालक मिलकर अपना साम्राज्य स्थापित किये हुए है।
प्रभारी भी सर्विलांस व स्वाट टीम द्वारा जिले के बाहर से पकडने वाले गांजा आदि से अपने गुडवर्क का खाता पूरा कर रहे है। जबकि थाना क्षेत्र स्वागत चंद कदम कि दूरी पर अवैध गांजा बिक्री का कार्य जोरो पर है। जिसके उपर ना थाना प्रभारी ध्यान देते है ना ही जिले कि स्वाट व सर्विलांस कि टीम।
वहीं दूसरी तरफ बीएनएस कि धारा 109 (जान से मारने )जैसे मामले में  मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पा रही है। एवंके पीछे जानकारों का कहना है कि गार्गी पेटल के साथ हुए घटना का वीडियो फुटेज व आरोपियों का पहचान होने के बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। यही नहीं पड़ाव क्षेत्र से एक युवक को पुलिस ने असलहा के साथ दौडाकर पकड़ने का दावा कर रही थी। जबकी उक्त युवक पड़ाव चौराहे पर पूरे इत्मीनान के साथ एसओ से मिलने आया। जिसकता यक्ष ऐप पर मिलान के बाद गिरफ्तारी दिखाई गयी। लेकिन सच यह है उस आरोपी को लखनऊ पुलिस हत्या के मामले मे ढूंढ रही थी। भाजपा नेता का हत्यारा करने के बाद पुलिस के गोली का शिकार होने से बचने के लिए उसने यहां अपने आप को सुरक्षित समझा था।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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