निरीक्षण व नोटिस के बाद भी विद्यालयों में धुँआधार हो रहा प्रवेश, बिना मान्यता के संचालित विद्यालयों का डीएम ने बीएसए से करायी जांच
- जिलाधिकारी की सूची लेकर संबन्धित विद्यालय का बीएसए के किया था जाँच
- जांच में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पाया जहाँ पांच की मान्यता वहाँ इंटर तक का हो रहा दाखिला

Chandauli news : निजी अस्पताल व निजी विद्यालय आज कल ईलाज व पढ़ाई के लिए कम बल्कि आर्थिक शोषण का प्रमुख अड्डा बनता जा रहा है। दोनों संस्थानों की स्थिति यह है की शीशा जड़ित अलीशान बिल्डिंग केवल बाहर से ही अच्छे है। जबकि अंदर की स्थिति डमाडोल है। अधिकांश अस्पताल में एक दर्जन से अधिक डॉक्टरों की सूची अस्पताल के बाहर ओपोड़ी स्क्रीन पर दिखती है। लेकिन अंदर केवल एक चिकित्सक जिसका अस्पताल है वहीं मिलता है। लेकिन बाहर अस्पताल की सुविधा दिखाकर मरीजों को लूटने से बाज नहीं आते है।

यही स्थिती अब निजी विद्यालयों की है। जहाँ शिक्षा के नाम पर योग्य टीचर हो या ना हो लेकिन बिल्डिंग आदि देखने के बाद अभिभावकों का आँख तो चौधिया जायेंगे। विद्यालय के वाह्य आडंबर के बाद बच्चे को शिक्षित करने की नियत से घर से निकला अभिभावक बिना असलहा ही लूट कर घर पहुंच जाता है। पहले ही दिन अपने बजट फेल होने के बाद घर जाकर भी अपने लूटने की कहानी नहीं बताता है। कारण की यहां पड़ोसी से भी अपने आप को नीचा नहीं दिखाना। स्थिति यह हो गयी की सरकारी विद्यालयों में अब बच्चे का दाखिला हो इसके लिए शिक्षक घर घर जा रहे है। फिर भी सरकारी विद्यालय में प्रवेश नहीं हो रहा।
जिले में हर गली, नुककड़ पर कुकुरमुत्ते की तरह खुले निजी विद्यालयों के गुणवत्ता की जांच कराने का जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने मन बनाया। जिसमें उन्होंने एक दर्जन विद्यालय की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को देते हुए जांच करने का निर्देश दिए। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार ने विकास खंड सदर में पांच मान्यता प्राप्त विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इसमें आलोक इंटर कॉलेज, तपोवन विद्यालय, फोनिक्स स्कूल, इंडियन पब्लिक स्कूल और सूर्या जूनियर हाई स्कूल का निरीक्षण किये। जिसमें आलोक इंटर कालेज में यूपी बोर्ड से कक्षा संचालित करने कि अनुमति थी। जबकि अन्य विद्यालयों में केवल कक्षा एक से 8 तक की मान्यता होने के बावजूद उसमें कक्षा 9 से 10 और कुछ विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित हो रही थी। इन सभी विद्यालय को नोटिस जारी कर दिया गया। लेकिन नोटिस के बाद इन विद्यालयों में प्रवेश निरंतर जारी जारी है। यह बात अलग है की नोटिस के बाद बीएसए कार्यालय में इन विद्यालय संचालकों की धमाचौकड़ी बढ़ गया है।
जबकि सैयदराजा किड्स स्कूल सैय्यदराजा, केरल पब्लिक स्कूल सैयदराजा, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल सैयदराजा,मेरी एजुकेशन एकेडमी सैयदराजा,सीपी यूनिक कॉन्वेंट स्कूल सैयदराजा व ज्ञान प्रवाह स्कूल धारूपुर सैदराजा आदि भी इसी कटेगरी में है।