- एसपी ने भी घोषित किया 25-25 हजार का ईनाम
- चकिया में वन विभाग कि शिकायत पर पहुंची पुलिस
- एचएस के कहने पर 100 कि संख्या में ग्रामीणों ने किया था घेराव

Chandauli news : हाईकोर्ट ने चकिया के हिस्ट्रीशीटर महेंद्र राव कि गिफ्तारी का स्टे कि याचिका ख़ारिज कर दिया। इसके साथ है उक्त हिस्ट्री शीटर के खिलाफ एन बी डब्लूयु भी जारी कर दिया। हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने 25-25 का ईनाम घोषित कर दिया। अब एचएस व उसके साथियों का मुश्किल बढ़ने वाला है।
चकिया के अलीपुर भांगड़ा में 09 मई को बिना किसी अनुमति के अवैध खनन किए जाने की सूचना पर रेंजर चकिया अखिलेश दुबे (वन विभाग) तथा थानाध्यक्ष चकिया अर्जुन सिंह मय पुलिस टीम संयुक्त रूप से छापेमारी हेतु मौके पर पहुंचे थे। जहाँ पर मौके से अवैध खनन में लिप्त 01 जेसीबी और 01 ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर जब टीम वापस आ रही थी, तभी हिस्ट्रीशीटर महेन्द्र राव पुत्र राम आसरे राव, उसके भाई विजेन्द्र राव तथा अन्य लगभग 80-100 की संख्या में ग्रामीणों (महिला व पुरुष) ने संगठित होकर लाठी-डंडों व पत्थरों से लैस होकर सरकारी टीम को घेर लिया।
उपद्रवियों द्वारा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर चक्का जाम करते हुए पुलिस के साथ अभद्र ब्यवहार किया था। जिसके बाद नामजद अभियुक्तों एवं अन्य अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, चक्का जाम और अवैध खनन से संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। घटना के बाद से ही फरार चल रहे शातिर अभियुक्तों द्वारा गिरफ्तारी से बचने हेतु उच्च न्यायालय में FIR रद्द करने की अर्जी दाखिल की गई थी। पुलिस भी इसके लिए प्रभावी पैरवी व मजबूत साक्ष्य कोर्ट में पेश किया। जिसके आधार पर अभियुक्तों की याचिका को तत्काल खारिज कर दिया गया है। न्यायालय चकिया द्वारा अभियुक्तों के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट पहले से जारी किया गया है।
घटना में सम्मिलित मुख्य अभियुक्त और उनके परिजन आदतन व अभ्यस्त अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी हत्या के प्रयास (307), सरकारी कर्मचारी पर हमला और अवैध खनन, वन संपदा को नुकसान पहुंचाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।