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मुनिराज जी के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार कराने वाले दूसरे कप्तान हुए आकाश पटेल

  • अब तक 28 कप्तान हो चुके है ट्रांसफर
  • डॉ अनिल कुमार के नाम कचहरी स्टैंड की व्यवस्था
  • अंकुर अग्रवाल के कार्यकाल में सबसे बड़ी उपलब्धि पुलिस लाईन का निर्माण




Chandauli news : वाराणसी से अलग जिला बने चन्दौली को 28 वर्ष से अधिक का समय हो गया। 28 वर्ष के युवा जिला में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अब तक 28 पुलिस अधीक्षक यहां का कमान भी संभाल चुके है। लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था को दुरूस्त करने मे मुनिराज जी के बाद वर्तमान पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के नाम हो गया।

जबकि इसके पूर्व भी सबसे अधिक डायरेक्ट आईपीएस की पोस्टिंग यहां रही है। जिसमें कुछ ऐसे भी अधिकारी है जो पुलिस अधीक्षक के रूप यहां से ही जिम्मेदारी संभालने की शुरुआत किये है। पहली पोस्टिंग से लेकर अनुभवी पुलिस अधीक्षकों में से एक चौथाई अधिकारियों ने ही गंभीरता दिखाई जबकि अन्य अधिकारी वही रूटीन कार्य किये और चलते बने।
आगमन के पहले दिन पुलिस अधीक्षक मिडिया से मुख़ातिब होते हुए जाम, कानून व्यवस्था आदि को सुदृढ़ करना उनकी पहली प्राथमिकता रही है। लेकिन मुगलसराय व पड़ाव का जाम हर अधिकारियों के कार्यकाल में फिसड्डी रहा। जाम के मामले में पहला रिकार्ड यहां रहे तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी के नाम रहा है। उनके कार्यकाल में चंदौली जैसे छोटे कस्बे जहाँ न्यायालय व मुख्यालय दोनों आस पास हुआ करता था उस स्थिति में भी एकल दिशा की व्यवस्था यहां सुनिश्चित हुयी थी। जिसका पालन वह खुद करते थे। अपने आवास से निकलने के बाद बाई दिशा के अंडर पास से कार्यालय पहुंचते थे। जबकि जनता दर्शन के बाद ठीक दो बजे ऑफिस से निकलकर बाई दिशा में कचहरी अंडर पास से अपने आवास जाते थे। पुलिस अधीक्षक के इस अडिग निर्णय के कारण ट्रैफिक पुलिस भी मुस्तैद रहती थी। मुगलसराय व पड़ाव में भी पुलिस जाम नहीं लगने देती थी। उस समय निगरानी के लिए इतनी स्मार्ट कैमरे की सुविधा भी नहीं थी। धीरे धीरे लोग इस व्यवस्था के साथ हो लिए थे। उनके ट्रांसफर के बाद व्यवस्था चौपट हो गयी।


पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के नाम सबसे बड़ी उपलब्धि है। जो 27 वर्ष से पुलिस लाईन के लिए तरस रहे विभाग के लिए पुलिस लाईन का निर्माण शुरू करा दिए। हलांकि इसकी नींव हेमंत कुटियाल ने रखी थी। 125 बीघा जमीन के लिए किसानों की सहमति लेकर शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजवाये थे। लेकिन कोविड की वजह से चार वर्ष तक कोई चर्चा नहीं हुआ। लेकिन अंकुर अग्रवाल के कार्यकाल में एक बार फिर से जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही नए स्तर से शुरू हुआ। जिसे उन्होंने सहमत कराते हुए किसानों के जमीन की रजिस्ट्री पुलिस लाईन के नाम कराने के साथ साथ निर्माण भी शुरू करा दिए।


हालांकि डॉ अनिल कुमार ने इस व्यवस्था को वरियता दिए जिसके क्रम में उन्होने एकल दिशा का सिस्टम तो नहीं लगाए। लेकिन कचहरी के पास अधिवक्ता व फरियादि हर किसी के आड़े तिरछे खडे वाहन पर पाबंदी जरूर लगा दिए। यहां ब्लाक बनाकर सबके लिए स्थान निश्चित करा दिए थे। लेकिन मुगलसराय व पड़ाव के जाम पर उनकी व्यवस्था विफल रही।
मुनिराज जी के बाद सड़क को खाली कराने वाले दूसरे पुलिस अधीक्षक के रूप में वर्तमान कप्तान आकाश पटेल का नाम दर्ज हो गया। यह अपने पहले दिन से यातायात व्यवस्था को सुचारु करने का जो संदेश दिए है उसपर अनवरत कार्य करा रहे है। यहां तक की खुद वह सड़कों पर उतर कर अपना पूरा फोकस ट्रैफिक व्यवस्था में लगाए पड़े है। जिले के इतिहास में पहली बार दो दो यातायात निरीक्षक तैनात कर तीन गाड़ियां ट्रैफिक को दे दिए है। मुगलसराय में ठेला खुमचा से लेकर पटरी पर दुकान लगाने वालों को व्यवस्थित करने। चंदासी कोल मंडी के सामने ट्रकों के अवैध पार्किंग आदि पर उन्होंने रोक लगाकर यह संदेश दे दिए की जब तक वह जिले में है यातायात में कोई बाधा नहीं आ सकता।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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