- पुलिस अधीक्षक ने मुल्जिम के गिरफ्तारी टीम को दिया था नकद पुरस्कार

Chandauli news : कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय, या खाये बौराय जग वा पाए बैराय... यमक अलंकार कि यह पक्ति मुग़लसराय प्रभारी विजय प्रताप पर सटीक बैठ रही है। कारण कि 48 इंस्पेक्टर व 480 दरोगा वाले जिले में पुलिस अधीक्षक ने ने मुगलसराय का चार्ज दे दिया। जो जिले का हार्ट (दिल कहा जाने ) थाना का इंचार्ज बना दिया गया। जो बिन मांगे मुराद पूरी होने वाली बात हो गयी। फिर क्या था अब एस रहमोकरम को अपने सबसे बड़ी काबिलियत का ढ़ोल पीटना शुरू कर दिए।
सूत्रों कि माने इनकी स्थिति यहां के एक तत्कालीन एसओ जैसी हो गयी है। जो पांच हजार रुपया घूस लेते वायरल हुए थे। विभागीय कर्मचारी वर्तमान को उन्ही का पार्ट 2 नाम रख दिए। कारण कि टीम को उत्साहित करने कि बजाय स्वयं भू वाली स्थिति है। इसी के तहत पिछले दिनों पुलिस अधीक्षक के हाथों 13 साल से गुजरात में छुपे पाक्सो के आरोपी को पुलिस ने पकड़ लायी थी। इसपर एसपी ने 10 हजार का नकद ईनाम दिया। अब उक्त धनराशि को साहब खुद डकार गए। जिसका विरोध शुरू हो गया। कर्मचारियों के विरोध का स्वर इस कदर तेज हुआ कि यह बात दूर दूर तक पहुंच गया।
उच्चाधिकरियों ने संज्ञान लिया। जिसके बाद अब लिफाफे कि नई नोट गले में फंसने लगा। आनन फानन में बटवारे कि तैयारी होने लगी। लेकिन सूत्रों कि माने तो कर्मचारी अब लेने के लिए तैयार नहीं है। जबकि साईबर टीम को भी 15 हजार का ईनाम एक फ्राड केस में गिरफ्तारी करने वाली टीम को दिया गया था। जिसका वितरण बकायदे जीडी पर किया गया।