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आवासीय विद्यालय में मोटिवेशन को पहुंचे डीएम व एसपी तो खुली आँखों से देखा बीएस का भ्रस्टाचार, घटिया सामग्री से हो रहा था निर्माण

  • जिसके मिलीभगत से हो रहा निर्माण उन्ही को जांच कराने का दिया आदेश


Chandauli news : जिले छह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अबड्राप आउट बच्चियों को इंटर तक शिक्षा सरकार मुफ्त देने लगी है। एन विद्यालयों मे पठन पाठन करने वाली बच्चियों के मनोबल को बढ़ाने के जिले के सबसे वरिष्ठ अधिकारी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक गुरुवार को सकलडीहा विकास खंड के धरहरा कस्तूरबा आवसीय विद्यालय पहुंचे थे। जहाँ निर्माण कार्य कि गुणवत्ता को देखकर दोनों अधिकारियों का मूड आफ हो गया। इसके बाद बीएएस को निर्माण में उपयोग हो रहे घटिया सामग्री का नमूना जाँच कराने का निर्देश दिए।


कस्तूतरबा विद्यालय पहुंचे अधिकारी द्वय ने इंटर तक के बच्चियों के लिए बने आवासीय कक्ष को देखा। डीएम के आगमन पर अभी हाल फिलहाल में बने उक्त भवन में बेड से लेकर बिस्तर तक बिल्कुल नया व चमचमाता हुआ मिला। यहां तक कि कुछ समय बच्चों के बिताने के लिए उच्चाधिकारियों को बैठने के लिए कुर्सी व टेबल लगाए गए थे। मेज पोश के रूप में चमचमाती बेडसीट बिना सिलवट के बिछायी गयी थी। पठन पाठन के विषय में जानकारी लिए। जहाँ कस्तूरबा कि समन्यवयक आगे आकर सब कुछ बता जानकारी दी।

विभाग ने इन अधिकारियों ने जितना दिखाने कि योजना बनायी थीवह संतोष जनक रहा। जिसके बाद शिक्षा विभाग के लोग आपस में एक दूसरे कि तरफ देख प्रफुल्लित रहे। जैसे ही कस्तूरबा ने निकलकर अधिकारी दूसरे तरफ जाने के लिए तैयार हुए उसी बीच कुछ ग्रामीणों का वहां पदार्पण हो गया। उन सभी ने डीएम से भवन के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग होने का आरोप लगाते हुए भवन के भविष्य का शिकायत किये। जिसपर जिलाधिकारी गुणवत्ता जाँच कराने का आश्वासन देकर निकलना चाहे लेकिन परिसर में शौचालय आदि का अधूरा निर्माण पड़ा था। जहाँ दोयम दर्जे कि ईंट आदि रखी थी। ग्रामीणों ने उससे अवगत कराया। फिर क्या था सामग्री देखने पहुंच गए। जहाँ ईंट कि क्वालिटी देख डीएम काफ़ी नाराज हुए। यह बात अलग है कि इसकी जांच दूसरे विभाग से कराने कि बजाय बीएएस को ही नमूना जाँच भेजने का निर्देश दे दिए। अब ग्रामीणों का कहना है कि जब बेसिक शिक्षा अधिकारी को गुणवत्ता से लेना देना रहता तो वह पहले ही जाँच कराते। जबकि इसके लिए बकायदे जिला समन्यवयक निर्माण कि नियुक्ति है।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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