- गिरफ्तार फ्राड़ों में एक विकलांग महिला भी शामिल
- फाइनेन्स कंपनी बनाकर आसान लोन दिलाने के नाम पर करते थे फ्राड

Chandauli news : जरूरत मंदों को आसान लोन दिलाने के नाम पर फ्राड करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गैंग के तीन शूटरों को साइबर थाना ने गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर के साइबर कि मॉनिटरिंग कर रहे थे। इ lसी दौरान एक सत्कार निधि लिमिटेड” एवं फर्जी माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के नाम पर दर्ज मुकडदमा दिया। जिसके विषय में ज़ब पड़ताल शुरू हुआ तब पता चला कि फाइनेंस के नाम पर एक संगठित गिरोह है। जो लोगों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रलोभन, पैसा दूना करने का प्रलोभन सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल एवं अन्य माध्यम से दिया जाता है। इस संगठित अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ऑनलाइन ठगी में संलिप्त 02 अभियुक्त व 01 अभियुक्ता को गिरफ्तार किया गया है, जो माइक्रो फाइनेंस कम्पनी बनाकर विभिन्न राज्यों के लोगों को आसान ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देकर उन से ठगी कर रहे थे।
अपर पुलिस अधीकक्ष ने बताया कि तकनीकी जांच के दौरान समन्वय पोर्टल एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन किया गया। जिसमें अभियुक्तों द्वारा संचालित बैंक खातों एवं गतिविधियों के संबंध में कुल 16 साइबर शिकायतें विभिन्न राज्यों से दर्ज पाई गईं। जबकि इसके विरुद्ध गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में भी धोखाधड़ी का एक अभियोग पंजीकृत होना प्रकाश में आया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अब तक ₹1,42,00,000/- (एक करोड़ बयालीस लाख रुपये) की धनराशि होल्ड थी। इन सभी के खाते जिले के अन्य शाखा में मिला।
जिसके बाद ज़ब टीम लगायी गयी तो साइबर थाना पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई कि चन्दौली जनपद में संचालित एक कार्यालय से इस पूरे गिरोह का संचालन किया जा रहा है। जिन्हे इस बात कि जानकारी हो गयी थी और यह सब अपना कार्यालय बंद कर कम्प्यूटर, रजिस्टर एवं अन्य अभिलेख हटाकर फरार होने की तैयारी में लग गए। तभी साइबर थाने कि पुलिस टीम लेकर पहुंच गयी। फिर तीनो अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए गए। इसमें एक महिला है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उन्होंने “सत्कार निधि लिमिटेड कम्पनी” एवं “माइक्रो फाइनेंस कम्पनी” नामक संस्थाओं का संचालन शुरू किया था। ये लोग ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने का झांसा देते थे तथा उनसे 5,000 रुपये से 25,000 रुपये तक विभिन्न शुल्कों के नाम पर वसूली करते थे। अभियुक्तों द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा बबुरी सहित विभिन्न बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाये गये थे। इन खातों का संचालन मुख्य रूप से अभियुक्तों द्वारा किया जाता था। देश के विभिन्न राज्यों/जनपदों में होने वाले साइबर फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी से प्राप्त धनराशि इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी। इसके उपरान्त अभियुक्त अपना 1.5% कमीशन काटकर शेष धनराशि अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफर एवं खपा देते थे।गिरफ्तारी से बचने एवं अभियुक्तों ने अपने वास्तविक फोटो लगाकर फर्जी नाम एवं पता दर्शाये है।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि अभियुक्तों द्वारा संचालित बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 16 ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) की अनेक शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार अभियुक्त में विरेन्द्र कुमार पुत्र महेन्द्र कुमार निवासी बर्थरा बुर्द, आशीष पटवा पुत्र सत्यदेव पटवा निवासी बबुरी बाजार,व
सोनी पत्नी शिवपूजन निवासी शाहपुर, थाना चकिया कि है।
इन सभी के पास से 03 सीपीयू, 03 मॉनीटर, 03 की-बोर्ड, 02 माउस, 02 प्रिंटर, 01 कैलकुलेटर, 350 पासबुक, 03 कूटरचित आधार कार्ड, 03 स्मार्ट फोन, 11 विभिन्न नामों की मोहर, 01 पैड, 21 रजिस्टर, 06 ब्लैंक चेक विभिन्न कम्पनियों के सिम कार्ड बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन से सम्बन्धित महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं।
गिरफ्तारी करने वाले टीम में प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग.हे0का0 संतोष कुमार सिंह,का0 अंकित गिरि.का अनिल कुमार प्रजापति .का0 नौशाद व मा0का0 पूजा सिंह साइबर सेल से उपस्थित रही।