Ayodhya,ChandaulimumbaiUncategorizedअंतरराष्ट्रीयअध्यात्मअयोध्याउत्तर प्रदेशक्राइमखेलगोरखपुरचंदौलीझांसीबांदामनोरंजनमिर्जापुरमुरादाबादराजनीतिराज्यराष्ट्रीयलख़नऊवाराणसीशिक्षा/रोजगारस्वास्थ्य

यूजीसी कानून रोक पर सुप्रीम मुहर, 19 मार्च को होगी सुनवाई

सीजेआई ने कहा देश आजादी के 75 साल बाद भी भेद भाव से देश निकल नहीं पाया


Chandauli news: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर देशभर में जबरदस्त विरोध है। नए कानून पर एक जनहित याचिका पर आज  गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने । इस मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला किया है। सीजीआई सूर्यकान्त ने फिलहाल यूजीसी के नियम पर रोक लगा दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है। न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा की देश आजादी का 75 वां वर्षगांठ मना रहा। दूसरी तरफ सरकार के इस कानून से ऐसा प्रतीत हो रहा की देश अभी जातिगत दलदल से बाहर नहीं आ पाया है।
विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने यूजीसी के नए नियम को मनमाना, बहिष्करणकारी, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी थी। यूजीसी के नए नियम के विरोध करने वालों का कहना है कि इस एक्ट में भेदभाव की जो परिभाषा दी गई है। उससे ऐसा लगता जैसे जातिगत भेदभाव सिर्फ  SC, ST और OBC के साथ ही होता है। सामान्य वर्ग के छात्रों को ना तो कोई संस्थागत संरक्षण दिया गया है, ना ही उनके लिए कोई grievance redressal system की व्यवस्था है। पिटीशनर्स ने कहा है कि वैसे तो इस एक्ट को समानता बढ़ाने के लिए लाया गया है, लेकिन ये खुद भेदभाव बढ़ाता है। इसमें General Caste यानी सवर्णों को ‘नेचुरल ऑफेंडर’ माना गया है। इसलिए इसकी समीक्षा होनी चाहिए और जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला नहीं करता, तब तक नए एक्ट के इंप्लीमेंटेशन पर रोक लगनी चाहिए। 
याचिकर्ताओं के पैरवी पर सीजेआई ने कहा की इसके लिए एक कमेटी का गठन करते हुए कानून के नियमावली का अध्ययन कराने की आवश्यकता है। अब इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई होंगी.

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page