- मुगलसराय एसओ का मजिस्ट्रेट के साथ ब्यवहार देख दूसरे को करना पड़ा बीच बचाव
- शुक्रवार को बाटा के दुकान में दब गए थे दो मजदूर, फोटो व रील में व्यस्त रहती है पुलिस
- अतिक्रमण पर कार्यवाही के पूर्व सीओ ने कोतवाली परिसर में ब्रिफ कर कहा, लगी रहती है भीड़ तमाशा देखती है पुलिस

Chandauli news : मुगलसराय में लगातार तीन दिन से अतिक्रमण पर हो रही कार्यवाही में तीसरे दिन पुलिस व मजिस्ट्रेट आमने सामने हो गए। अतिक्रमण ध्वस्तीकरण के दौरान शुक्रवार को इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि बाटा कंपनी के शो रूम में दो कर्मचारी अंदर फंसे रह गए। पुलिस छोड़कर आगे बढ़ गयी थी। संयोग अच्छा रहा कि साथ साथ कवरेज कर रहे पत्रकारों कि निगाह पड़ गयी इसके बाद मलबा हटाकर दोनों कर्मचारी को बाहर किया गया। शनिवार को पुनः इस तरह का घटना न होने पाये इसके लिए एसडीएम ने पुलिस कर्मचारियों से चौकन्ना रहने के लिए कहा। यह सुनते ही नगर के एसओ एसडीएम से सीधा भीड़ गए। आपस में बात करने कि बजाय माइक लगाकर चिल्लाने लगे।
मजिस्ट्रेट से पुलिस के इस ब्यवहार से एसडीएम हतप्रभ रह गए। मामला दोनों तरफ से बढ़ता इसके पहले साथ चल रहे अन्य विभाग के कर्मचारियों नव बीच बचाव शुरू किया। पुलिस के कर्मचारी भीड़ नियंत्रण कि बजाय नयी पोस्टिंग वाले सिपाही रील बनाने पर जोर दे रहे है। अतिक्रमण ध्वस्तीकरण को दुखने वाले भी रुक जा रहे है जिससे यातायात प्रभावित हो जा रहा है। जिसको लेकर कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मचारियों के दो दिन कि गतिविधि देखकर खुद सीओ डीडीयू नगर ने ब्रिफ करते हुए कहा कि रील बनाने कि बजाय अपने ड्यूटी पर ध्यान दें।एसडीएम अनुपम मिश्रा से ज़ब वार्ता किया गया तो उन्होंने कहा कि जहाँ जेसीबी चल रही रही वहाँ लोग इकठ्ठा थे। उन लोंगो को दूर करने व जिन घरों को तोड़ा जा रहा उसमें किसी के न रहने के लिए सुनिश्चित किया जा रहा था। फ़ोर्स को बोला गया कि वह देख ले एस बात पर मुगलसराय का थानाध्यक्ष उनके साथ बदसलूकी पर उतारू हो गया।