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तब पछताये क्या करे ज़ब चिड़िया चुग गयी खेत…विधायक को पता नहीं कब पड़ती है धान की नर्सरी

  • 01 जुलाई से धान की शुरू होती है रोपनी, नर्सरी के लिए 21जून को नहर में छूटेगा पानी



Chandauli news : का बरषा ज़ब क़ृषि सुखाने, समय जात पुनि का पछताने… कुछ ऐसी स्थिति इस समय डबल इंजन की सरकार में जिले माननीयों की है। वहीं अधिकारियों की स्थिति तो इनसे भी चार हाथ आगे वाली है।
क़ृषि प्रधान जिला। उसमें भी धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली में किसानों की आय दुगुना करने वाली योजना पानी के अभाव में सूखने को कौन कहे अभी जन्म भी नहीं ले सका है। कारण की जुलाई के पहले सप्ताह से धान की रोपाई शुरू हो जाती है। जिसके लिए 30-35दिन पहले धान की नर्सरी डालनी पड़ती है। फिर उस नर्सरी को उखाड़कर खेत में लगाया जाता है। 29हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई गंगा नहर के सहारे है। जिसके पानी से किसान धान की नर्सरी डालने के साथ साथ रोपाई करते है। लेकिन विडंबना यह है की 17 जून के बाद भी नहरों में पानी नहीं है।
किसानों को ज़ब पानी की जरूरत हुआ तो नहरों के सिल्ट की सफाई शुरू जो गयी। यहां तक की उन सफाई व्यवस्था को देखने के लिए दिन भर वतानुकूलित कक्ष मे बैठने वाले अधिकारी भी निरिक्षण करने पहुंच रहे है। भारी अनियमितता देख नाराजगी जाहिर किये लेकिन नहर मे पानी कब छोड़ा जायेगा इसका जिक्र एक बार भी नहीं किये।
अब किसा लगातार पानी की मांग को लेकर आवाज़ उठा रहे है ऐसे में डीडीयू नगर विधायक ने अपने फेसबुक हैंडल से यह जानकारी सार्वजनिक किये है की 21 जून से नहर में पानी छोड़ा जायेगा। विधायक के इस जानकारी के बाद फेसबुक पर तरह तरह के कमेंट शुरू हो गयी है।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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