- रात्रि नौ बजे के बाद अपराध गोष्ठी के लिए बुलाये गए थाना व सेल प्रभारी
- 01 घंटे तक चली समीक्षा, आईजीआरएस पर ध्यान केंद्रित करने की हिदायत

Chandauli news : पुलिस विभाग के मुखिया डीजीपी राजीव कृष्णा ने पांच जिले के नौ थाना प्रभारियों को पुलिस मुख्यालय में बैठे बैठे सस्पेंड कर दिए। डीजीपी की यह कार्यवाही पुलिस विभाग के इतिहास में पहली बार हुआ है। कार्यवाही के पीछे की वजह यह रही की थाना प्रभारी बनने के बाद यह लोग जनता के दुःख दर्द को भूल गए थे। पीड़ित के लगातार शिकायत के बाद भी आईज़ीआरएस व मुख्यमंत्री पोर्टल के आवेदनों पर अनाप सनाप रिपोर्ट लगाकर शिकायत को निस्तारण दिखा दिया गया था। जिसके बाद पीड़ितों ने आईजी, डीआईजी की बजाय सीधे डीजीपी के जनता दरबार में पहुंच गए। मुख्यमंत्री के निगाह में अपने कार्यकाल में पुलिस की छवि बेहतर हो सके इसके लिए साहब ने जनता की समस्या को गंभीरता से सुना। जब भौतिकता का पता लगाया तो बिना देर किये ऐसे लापरवाह थाना प्रभारियों को निलंबित करते हुए एसपी से अनुपालन आख्या मंगा लिए।

सीधे डीजीपी के अब हस्तक्षेप के बाद अब पुलिस अधीक्षकों की भी सांस अटकने लगी है। कारण कि थाना प्रभारियों को जिम्मेदारी देने वाले पुलिस अधीक्षक की पोस्टिंग वहीं से होती है। जिसके क्रम में बुधवार के रात्रि नौ बजे से अपराध गोष्ठी का आदेश जारी हो गया। जनपद में आवासीय व मेस की व्यवस्था उपलब्ध न होने के कारण शाखाओं के प्रभारी शाम पांच बजे के बाद अपने घरों को जाने वाले प्रभारी रात्रि नौ बजे से होने वाली गोष्ठी का इंतजार करने लगे। थाना प्रभारी भी आठ बजे तक पुलिस लाईन के बैठक कक्ष में पहुंच गए। इसके बाद समीक्षा शुरू हुई। जिसमें थानों के शिकायती पत्र के आंकडों का जो बुकलेट सामने रखा था उसके आधार पर समीक्षा शुरू हो गयी। हलांकि सबसे अधिक फोकस मुगलसराय, चकिया, अलीनगर चंदौली व सैदराजा पर रहा। एन थानों पर शिकायती पत्र अन्य के अपेक्षा अधिक मिले। जिनके निस्तारण की गति धीमी मिली। जिसके बाद एसपी ने डीजीपी के द्वारा की गयी कार्यवाही से लोंगो को अवगत कराते हुए कहा की उन नौ थानों के प्रभारियों की स्थिति न होने पाए इसके लिए कार्य करिये। अन्यथा कोई बचा नहीं पायेगा। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सदर विक्रम दहिया, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन, सीओ व सभी थाना प्रभारी, सेल प्रभारी उपस्थित रहे।