- तालाब किनारे गांजा बिकने का वर्षो से चल रहा दौर
- अवैध कारोबार से वसूली का काम देख रहे थाने के दो कारखास
Chandauli news : यूपी बिहार बॉर्डर का थाना कंदवा आज कल अवैध कारोबार के लिए चर्चा में है। यहां अरंगी गांव में बड़े पैमाने पर गांजा का कारोबार हो रहा है। सूत्रों कि मानें तो जिले के कुछ भाँग कि दुकानों के अलावा अवैध रूप से बिक रहे रहे गांजा दुकानों पर यहां से सप्लाई कि जाती है। इसके साथ ही चौराहे पर अवैध रूप से मिनी शराब कि दुकान संचालित हो रही है। जहाँ पुलिस के बिना भय के लोग शराब पीते रहते है।

यहीं नहीं कर्मनाशा नदी के किनारे का गांव होने के कारण नाव से बिहार में शराब भेजी जाती है। जिसके लिए कंदवा पुलिस को ठीक ठाक पैसा दिया जाता है।
यही नहीं स्थानीय प्रशासन की कृपा से कंदवा थाना क्षेत्र के अन्य गांवो अदसड, घोसवां,चारी केदारपुर,तलाशपुर मे भी गांजा व शराब की बिक्री हो रही है। मादक पदार्थो के अवैध बिक्री से ग्रामीण परेशान हैं। गांवों के युवाओं को नशे की लत न लग जाए इसको लेकर अभिभावक चिंतित है।
सूत्रों की मानें तो बिहार से गांजा की खेप तस्करों के माध्यम से अरंगी गांवो तक पहुंच जा रही है। गांव मे बिक्री प्रभावित न हो इसके लिए पुलिस से सांठ गांठ कर बिक्री करने वाले बेखौफ बिक्री को अंजाम दे रहें है। सूत्रों कि मानें तो अवैध गांजा कि दुकान से पांच हजार व शराब कि दुकान से 10 हजार रुपया पुलिस लेती है। तभी साहब इन अवैध कार्यों पर कार्यवाही करने कि जहमत उठाने कि बजाय रामलीला आदि जैसे कार्यक्रमों में सम्मानित होने में ज्यादा भरोसा रखते है। गांजा व शराब के लिए कारखास नामित है जो एक शराब व गांजा का काम तो दूसरा गौ तस्करी का पैसा लेते है। अधिकारियों को शक न होने पाए इसके लिए एक दो पशु के साथ गौवंश पकड़ने का पुलिस दावा करती है।