- छह माह पहले डीआईजी चन्दौली से कर दिए थे संबद्ध
- मात्र तीन दिन जौनपुर के सदर कोतवाल का रहे प्रभारी
Chandauli news : डीजीपी राजीव कृष्णा द्वारा लापरवाह थाना प्रभारियों के उपर कार्यवाही के बाद पूरे प्रदेश में हड़कम्प मचा हुआ है। इसी क्रम में एसपी आकाश पटेल को रात्रि 09 बजे अपराध गोष्ठी करना पड़ा। जिसमें आईजीआरएस मुख्यमंत्री पोर्टल पर पड़े शिकायतों के निस्तारण पर जोर दिया। उसी क्रम में आगामी दीपावली को देखते हुए लाइसेंसी पटाखा दुकानदारों की जानकारी लिए। जिसमें बिना तैयारी के उपस्थित हुए थाना प्रभारियों पर नाराजगी जाहिर किये। इसी क्रम में शुक्रवार को सदर कोतवाल विन्देस्वरी पाण्डेय को हटा दिया गया। हलांकि यह कार्यवाही नवरात्रि के दौरान ही होनी थी। उसी क्रम में मिर्ज़ापुर ड्यूटी से त्रिवेणी सिंह को बुला लिया गया था। जिसके बाद चर्चा तेज जो गयी थी। जो शुक्रवार को उन कयासों पर पूर्ण विराम लग गया।

सूत्रों की मानें तो सदर कोतवाल को लापरवाही में भले ही हटा दिया गया है लेकिन उनके स्थान पर जिनकी पोस्टिंग की गयी है इनकी छवि भी ब्यवहार कुशल न होने की है। पूर्व के चार्ज में तीन माह से अधिक का कार्यकाल नहीं रहा है। छह माह पूर्व दुर्व्यवहार के आरोप में ही मात्र तीन दिन जौनपुर के सदर कोतवाल के चार्ज के बाद इन्हे हटाना पड़ा था। पुलिस लाईन में संबद्ध करने के बाद भी वहां के जनप्रतिनिधियों ने किसी भी सेल का कार्यभार न देने का दबाव बनाया था। यहां तक की जनपद से बाहर ट्रांसफर करने के लिए उन सभी लोंगो ने डीआईजी से मिलकर अपनी बात रखी। जिसका परिणाम हुआ की डीआईजी वैभव कृष्णा ने जौनपुर से चंदौली संबद्ध कर दिए। लगभग तीन माह बाद चंदौली में स्थानांतरण हो गया। इसके बाद से जिले में चार्ज की चर्चा तेज हो गयी थी।