- सैदराजा विधायक के हस्तक्षेप के बाद आपाधापी में पहुंचे एडीएम न्यायिक, मांगी माफ़ी

Chandauli news : धानापुर के बीर शहीदों का आजादी के बाद पहली बार अपमान हुआ। यह अपमान किसी नेता व राजानीतिक पार्टी के बजाय सरकारी महकमें ने किया। जिससे क्षेत्रीय जनों में आक्रोश हो गया। अभी यह आक्रोश शांत होता तब तक सकलडीहा तहसीलदार के गैर जिम्मेदाराना बयान ने उनके आक्रोश के आग को जैसे पेट्रोल डालकर भड़का दिया। सकलडीहा एसडीएम भी मौजूद रही। तहसीलदार के बयान के बाद धानापुर ब्लाक प्रमुख अजय सिंह अपना आपा खो बैठे। मामले की जानकारी सैदराजा विधायक सुशील सिंह को हुयी। उन्होंने तत्काल डीएम से वार्ता कर एडीएम को मौके पर भेजकर मामले का पटाक्षेप कराया।
देश आजाद होने से पूर्व धानापुर के बीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत को ठेंगा दिखाते हुए धानापुर थाने पर झंडा फहरा दिया था। एन बीर सपूतों की याद में प्रति वर्ष 15 अगस्त व 26 जनवरी को झंडोत्तोलन पूरे सम्मान के साथ होता है। जहाँ एडीएम या फिर एसडीएम स्तर के अधिकारी मुख्य अतिथि होते है। 80वीं स्वतंत्रता दिवस पर प्रोटोकाल के तहत एडीएम न्यायिक को यहां पहुंचना था। जिसके लिए क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी। लेकिन अधिकारियों की गंभीरता एस कदर रहा की एडीएम महोदय पहुंचे ही नहीं। जबकि एसडीएम आकांक्षा सिंह व तहसीलदार अनुराग सिंह मौके पर पहुंचे हुए थे। एडीएम के न पहुंचने पर आक्रोशित जनता धरना प्रदर्शन की चेतावनी दे दिया। इसी बीच तहसीलदार ने विवादित बयान दे दिया। फिर क्या था एसडीएम के सामने ही ब्लाक प्रमुख विफर पड़े। तहसीलदार के साथ एक दूसरे के बीच कहासुनी शुरू हो गयी।
अधिकारी व जनप्रतिनिधि के बीच तीखी बहस में हस्तक्षेप करने की बजाय एसडीएम मुकदर्शक बनी रही। हलांकि मामला बढ़ता देख किसी ने इसकी जानकारी विधायक सुशील को दिया। विधायक ब्लाक प्रमुख से पूरी जानकारी लेते हुए डीएम से वार्ता कर मामले का पटाक्षेप करने के लिए कहा। उधर समय पर उपस्थित न होने वाले एसडीएम भी भागकर धानापुर पहुंचे। जहाँ उन्होंने लेट लतिफी पर माफ़ी मांगते हुए पूरे प्रकरण पर पानी डालने का प्रयास किये। लेकिन मामले को समाजवादी पार्टी के जिला पंचायत सदस्य व समाजसेवी अंजनी सिंह ने आपत्ति दर्ज किया। जिसके बाद ब्लाक प्रमुख खुद बचाव में कूद पड़े।