- 11 मार्च को एडीजी के आदेश के बाद कारखास की हुयी थी गिरफ्तारी
- होली,दीपावली,दशहरा पर लाभ लेने वाले बचाव में खर्च कर रहे ऊर्जा
Chandauli news : कारखास के गिरफ्तार होते ही एआरटीओ सर्वेश गौतम का भ्रस्टाचार उजागर हो गया। इसके बाद यह ऑफिस छोड़कर भाग निकले। तीन दिन से सरकारी कार्य प्रभावित हो गया है। यही नहीं कारखास के गिरफ्तारी के बाद लगातार दलालों से गुलजार रहने वाला एआरटीओ के दफ्तर में सन्नाटा छाया हुआ था। जैसे कोई बड़ी कार्यवाही हो गयी। जो बाबू बिना बिचौलियों के फाइल की तरफ देखने की जहमत नहीं उठाते थे वह कार्य के प्रति सक्रियता दिखा रहे थे। लेकिन यह सक्रियता केवल दिखावे का ही रहा क्योकि एआरटीओ ऑफिस छोड़ घटना के दिन से मोबाईल बंद कर भाग खडे हुए है।
2017 में ज़ब एआरटीओ रहे आरएस यादव को ऐसे ही अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार हुए थे। उस समय एक सप्ताह तक कार्यालय में सियापा छाया हुआ था। स्थिति यह हो गयी थी की ऑफिस के बाहर स्टाम्प आदि के दुकानों पर भी ताला बंद हो गया था। सूत्रों की माने तो कार्यालय से मोबाईल बंद करके भगे एआरटीओ कल लखनऊ में थे। हलांकि मामले में एडीजी पीयूष मोर्डिया ने एसआई परीक्षा के बाद इस मामले की समीक्षा करने का संकेत दिया है। फिलहाल जांच सीओ सदर को सौंपी गयी है। उन्होंने शिकायत कर्ता से संबन्धित कागजात के लिए संदेश भेजे है। यह बात अलग है एआरटीओ का वाट्सअप उजागर होने के बाद भी उनके बचाव में होली दीपावली दशहरा के नाम पर सेवा लेने वाले उसी तरह प्रयासरत हो गए जैसे जंगल का राज पाठ बंदर के हाथ में हो।