एक साथ दोनों ने खायी जहर, प्रेमिका कि मौके पर मौत, प्रेमी का जिंदगी मौत के बीच संघर्ष

Chandauli news: “कुछ मोहब्बत को न था चैन से रखना मंज़ूर और कुछ उन की इनायात ने जीने न दिया” –कैफ़ भोपाली कि यह लाइनें चकिया के दिरेंहू पहाड़ी पर अपने प्रेम में बाधक बने परिजनो से तंग आकर आत्मघाती कदम उठाने वाले प्रेमी युगल पर सटीक बैठ रही है। दीरेहु पहाड़ी पर बृहस्पतिवार की सुबह एक प्रेमी जोड़ा जमीन पर गिरे पड़े थे। एन सभी के मुंह से झाग आ रहा था। दोनों कि स्थिति देख ग्रामीण जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने का अंदाजा लगाने में देर नही किये। तत्काल इसकी जानकारी चकिया कोतवाली पुलिस को दिए। घटना कि जानकारी के बाद मौके पर कोतवाली पुलिस पहुंचकर दोनों को अचेत अवस्था में जिला संयुक्त अस्पताल चकिया में भर्ती करवाया जहां उनकी हालत गंभीर होने पर वाराणसी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। जहाँ इलाज के दौरान प्रेमिका की मौत हो गई वही प्रेमी का इलाज चल रहा है।
चकियां के एक गांव निवासी युवक व युवती आपस में प्रेम करते थे। दोनों कि जाति व धर्म अलग अलग है। लड़का सोनकर व लड़की गैर हिन्दू है। इसके बाद भी इन दोनों का प्रेम परवान चढ़ गया। एक दूसरे के साथ जीने मरने को तैयार हो गये। इसके बाद इनके प्यार को कुतरने के लिए परिजनों ने हठकण्डा अपनाया। युवक को पास्को के तहत जेल भी भेजवाया लेकिन वहीं कहावत “ज़ब ज़ब प्यार पर पहरा हुआ प्यार और भी ज्यादा गहरा हुआ ” जेल से आने के बाद इन दोनों ने फिर से मिलाना जुलना जारी रखा। लेकिन घर वालों के जिद के आगे उन सभी ने साथ रह नही सकते तो साथ मरने का निर्णय लिया। प्रेमी युगल सल्फास कि गोली व चूहा मारने वाली दवा लेकर पहाड़ी कि तरफ चल दिए। एक दूसरे से मिले फिर मौत को गले लगाने कि नियत से दोनों ने जहर खा लिया। स्थिति यह हो गयी कि युवती कि घटना स्थल पर ही मौत हो गयी युवक जिंदगी और मौत के बीच ट्रामा सेंटर में जूझ रहा है। मामले को लेकर गैर हिन्दू पक्ष ने नाराजगी जाहिर किया लेकिन पुलिस के समझाने के बाद यह लोग शांत हो गये।