शोसल मिडिया पर वायरल वीडियो के बाद एसपी ने लिया संज्ञान

Chandauli news : ‘लम्हों ने खता की, ज़मानों ने सज़ा पाई‘ वाली कहावत बुधवार को उस समय चरितार्थ हुआ ज़ब थाने में अचानक सैकड़ों कि संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। यह भीड़ एक निजी चिकित्सालय के संचालक ने अपने पेशबंदी में अपने साथ ले आया था। पुलिस कुछ समझ पाती तक सुनियोजित हैबोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। उधर पुलिस चिकित्सक को अपना समझ रही थी लेकिन यहां वहीं कहावत “पुलिस कि बिल्ली पुलिस से ही म्याऊ”। देखने को मिला। हाई बोल्टेज ड्रामा में पुलिस इंस्पेक्टर व सीओ धक्के खा गए। इसके बाद भी आखिर सीओ कि क्या मजबूरी थी जो पुलिस अधीक्षक तक एस दो घंटे के ड्रामे कि खबर नहीं पहुंचा पाये। कोतवाली के चल रहे हंगामे कि खबर ज़ब मिडिया में प्रसारित हुआ तब जाकर उच्चाधिकारी संज्ञानित हो पाये।
बुधवार को राज्य महिला आयोग कि सदस्य सुनीता श्रीवास्तव अचानक के जी नंदा हॉस्पिटल पहुंच गयीं। जहाँ महिलाओं से वह हालचाल ले रही थी। इसी बीचअस्पताल संचालक आनंद तिवारी पर किसी बात को लेकर नाराज हो गयीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डॉक्टर भी आयोग के सदस्य को सामान्य महिला समझ कर खरी खोटी सुना दिया। जिसके बाद उनके ही कुछ जानकार लोंगो ने आयोग के इस सदस्य के गंभीरता को बताया। इसके बाद क्या था कहीं शासन कि निगाह प्रतिकूल न हो जाय इस बात का डर सताने लगा। इसके बाद पुरे मामले को मोड़ दिया गया। अति उत्साह में आंदोलनकारी यह भूल गए कि विरोध अपने अस्पताल पर करने कि बजाय पुलिस थाने पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया।
अचानक डॉक्टर के थाने आने कि सूचना पर आये दिन चाय, पार्टी के अलावा चिकित्सकीय सेवा का लाभ लेने वाले अधिकारी मानमनौवल में लग गए लेकिन जितने ही मानाने वाले सक्रिय थे उतने आंदोलनकारी बेअंदाज होते जा रहे थे। स्थिति यह हो गया कि पुलिस के लोंगो से धक्का मुक्की भी हुआ। यह लोग यहीं रुके महिला आयोग कि सदस्य का सदस्यता समाप्त कराने व माफ़ी मांगने कि मांग करने लगे। पुलिस यही नहीं समझ पायी कि घटना किसके साथ हुआ और जलील किसको होना पड़ रहा है। अब इस हाई बोल्टेज ड्रामा को शांत कराने के लिए शासन सत्ता से जुड़े लोग भी सक्रिय हो गया। कुछ वरिष्ठ लोग आयोग के सदस्य से मामले का पटाक्षेप करने का आग्रह किया।