- कानफोड़ू व बुलेट की आवाज निकालने वाने बुलेट सवार को पकड़े अब जिसे गांधी वादी तरीके से पढ़ाया पाठ
- सब्जी व्यवसायियों के उत्पात को भी सरल अंदाज से कर गए डील
Chandauli news : पुलिस का मतलब तेज व कड़क आवाज, फरियादी हो या अपराधी बात बात में गाली देना। अब पुलिस अपने इस पहचान को बदल रही है। जिसकी बानगी देखना है तो मुगलसराय चले जाईये। जहाँ कोतवाल के साथ साथ यातायात निरीक्षक से मुलाक़ात हो गयी तो आप पुलिस के इस अंदाज से मुख़ातिब हो जायेंगे।
कुछ ऐसा ही मामला मंगलवार को देखने को मिला। जब शाम के समय मुगलसराय थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह अपने हमराहीयों के साथ पैदल गस्त में थे। इसी दौरान नगर के तरफ से 35 साल का युवा बुलेट लेकर आता दिख गया। जिसके साइलेंसर से निकल रही आवाज़ ने गाड़ी के आस पास खड़ा होने वालों के कान का पर्दा पर बल डाल दिया। पुलिस ने मोटरसाईकिल को रुकवाया। इसके बाद जब इसकी जाँच हुई तब यह केवल कानफोड़ आवाज ही नहीं निकाल रहा था, बल्कि बुलेट की आवाज कहीं गोली चलने का अहसास करा रहा था।
ऐसे वाहनों पर तल्खी करने की बजाय पुलिस ने बाइक मालिक को गांधी वादी तरीके से समझाया। जिसका असर हुआ कि कुछ ही देर में बुलेट के ओरिजनल साईलेंसर के साथ युवक थाने में आकर गाड़ी से छेड़छाड़ न करने का लिखित माफीनामा देकर अपने वाहन को ले गया।
वहीं दूसरा मामला सब्जी ब्यवसायियों का है। जो सड़क पर अतिक्रमण किये हुए थे। इन सभी को हटाने के लिए पुलिस के पसीने छूट गए। नगर को जाम से मुक्त कराने में एसओ ने यहां भी ज़्यादती करने कि बजाय लोंगो को सलीके से समझाया। लेकिन इसके बाद जब संगठन के आड़ में यह लोग आंदोलन करने लगे तब भी यहां गाँधी वादी पुलिसिंग चल रही थी।