- 18 नवम्बर को हत्या कर पैदल निकल गया था बदमाश
- घटना के खुलासा को एसटीएफ सहित अन्य एजेंसिया कर चुकी है काम
- जौनपुर, आजमगढ़ व मिर्ज़ापुर जिले के स्वाट सर्विलांस के धुरंधरों को 15दिन के लिए किया गया संबद्ध
Chandauli news : पांच माह पूर्व जिले के मिनी महानगर में पुलिस को चुनौती देते हुए बदमाश ने दवा ब्यवसाई रोहिताश पाल कि हत्या कर पैदल ही घटना स्थल से निकल गया। जिसे पकड़ने के लिए जिले कि स्वाट सर्विलांस के अलावा कई थाना प्रभारी को लगाया गया। लेकिन पुलिस को अभी तक निराशा छोड़ कुछ हाथ नहीं लगा। यह बात अलग है कि आपा धापी में जनआक्रोश को शांत करने लिए पुलिस साजिश कर्ता के रूप में तीन को जेल भेज दिए था। लेकिन विडंबना यह रही कि जिला ही नहीं बल्कि पूर्वांचल का यह पहला खुलासा रहा जहाँ पुलिस निचले पायदान से चढ़ने कि बजाय हवाई मार्ग वाला रास्ता अख्तियार कर लिया। अब तक शूटर पकड़ कर हत्या आदि का खुलासा पुलिस करती दिखी है। लेकिन यहां साजिश कर्ता को पहले पकड़ लिया। लेकिन साजिशकर्ताओं ने किस शूटर से हत्या कराया कैसे सुपारी दी यह सब पता नहीं कर पायी।

दवा व्यवसाई कि हत्या के बाद जनआक्रोश इस कदर उमडा कि पक्ष से लेकर विपक्ष सभी एक मंच पर आ गए। जिला प्रशासन के साथ साथ सत्ता कि छवि भी धूमिल होने लगी। मृतक के परिजनों से मिलकर सांत्वना देने वालों कि भीड़ निरंतर बढ़ती जा रही थी। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने भी डेरा डालना शुरू कर दिए। लेकिन परिणाम शून्य रहा।
दवा ब्यवसाई के परिजनों लगातार सरकार से अपने भाई व पुत्र के मृत्यु का इंसाफ मांग रहे है। सूत्रों कि माने तो एक दो दिन पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर किये। एक बार फिर से इस मामले में पुलिस नई ऊर्जा लगायी है। इसमें जोन स्तर से आजमगढ़, जौनपुर व मिर्ज़ापुर के स्वाट व सर्विलांस के धुरंधरों को 15 दिन के लिए जिले से संबद्ध किया गया है। अब यह टीम फिर क्राइम स्पॉट सहित अन्य विंन्दुओ पर अपने स्तर से लगेगी।