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सदर कोतवाली में तैनात महिला सिपाही हुई….की शिकार

  • पुलिस कि महिला कर्मचारी खुद नहीं है जिले में सुरक्षित, महिला मिशन शक्ति प्रचार का पीटा जा रहा ढिंढोरा
  • चौराहे व स्कूल के गेट पर फोटो खिंचाने कि महिला कर्मचारी करती है मिन्नते



Chandauli news : महिला अपराध पर आम जनमानस को जागरूक करने वाली महिला पुलिस खुद असुरक्षित है। जिसका जीता जागता प्रमाण गुरुवार को उस समय दिखा इसकी शिकार महिला सिपाही पुलिस अधीक्षक के यहां गुहार लगाने पहुंच गयी। महिला कर्मचारी के प्रार्थना पत्र को देखते पुलिस अधीक्षक कक्ष के बाहर अन्य थानों से जन सुनवाई में आये दर्जनों दरोगा व इंस्पेक्टर ने महिला के एस आरोप पर शिकायत न करने कि सलाह देते नजर आये। हलांकि महिला सिपाही अपने फैसले पर अडिग रही इसके बाद देर शाम जाकर आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ।
महिलाओं के प्रति संबेदनशील होने का ढिढोरा पीटने वाली पुलिस अपराध के प्रति संवेदनशील होने कि बजाय पहले पंचायत पर ही ध्यान केंद्रित करती है। यह स्थिति थानों कि तो दूर पुलिस कप्तान ऑफिस तक देखने को मिला।


बुधवार को सदर कोतवाली में तैनात महिला कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि वह ड्यूटी पर तैनात थी। उस दौरान उसके साथ छोटी बच्ची भी थी. जिसे दोपहर के लगभग 02 बजे बच्ची को भूख लग गयी। जिसे दूध पिलाने के लिए उसने सीसी टीएनएस कक्ष में गयी। उसी दौरान क्वार्टर गार्ड पर तैनात सिपाही अमित कुमार कक्ष में घूस गया। महिला सिपाही ने ज़ब इसका विरोध किया तो वह उसके साथ छेड़खानी वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बदतमीजी करने लगा। महिला ने इसका विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिए। महिला सिपाही के विरोध भरे स्वर के बाद वहाँ से भागा। वर्दी में दूसरे को सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए हाथ में विभाग द्वारा छपे पम्पलेट्स लेकर दूसरे को जागरुक करने वाली महिला पुलिस खुद अपने विभाग से असुरक्षित होने पर इसकी शिकायत करने सीधे पुलिस अधीक्षक के यहां पहुंच गयी।


फिर क्या था वहाँ पहुंचते ही महिला सिपाही को भी कानून के रखवालों के उस रूप का सामना करना पड़ा जो आम नागरिक को अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस थानों में गुहार लगाने के दौरान सामना करना पड़ता है। पुलिस अधीक्षक थाना प्रभारियों को गूगल मीटिंग से आम नागरिकों के शिकायत पर गंभीरता दिखाने के पाठ पढ़ा रहे थे। इधर उनके ही कार्यालय के बाहर पुलिस कि गंभीरता दिख रही थी। अपने साथ बदसलुकी का प्रार्थना पत्र लेकर ख़डी महिला कांस्टेबल को समझाने के लिए दूसरे थाने से जन सुनवाई में आये आधा दर्जन दरोगा व इंस्पेक्टर शिकायत के इस पचड़े में न पड़ने का ज्ञान बाँटे जा रहे थे। उधर बदतमीजी का शिकार इधर पुलिसिया ज्ञान से हूला अधीर हो रही थी उसका धैर्य आँखों के रास्ते आंसू बनकर निकल रही थी। हलांकि विभागीय ज्ञान को उसने आंसू के साथ बहाकर फिर से अपने साथ हुए अपराध का शिकायत करने के लिए मजबूत हुयी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक के सामने उसने पहुंचकर आपबीती सुनाई।
पुलिस अधीक्षक ने मामले कि गंभीरता को देखते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिए। इसके बाद सदर कोतवाली में सिपाही के मुकदमा अपराध संख्या 0112/26 बीएनएस कि धारा 74 के तहत रात्रि 08 बजे मुकदमा दर्ज हुआ।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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