- मुख्यमंत्री के आदेश पर हुआ जांच तो एसओ का खुला राज
- विवेचक ने दिया रिपोर्ट, 84 दिन के बाद बाईज्जत बरी
- मुख्यमंत्री ने थाना प्रभारी को बर्खास्त करने का दिए है निर्देश, बावजूद नहीं हो रही कार्यवाही
Chandauli news : बलुआ का चर्चित कांड खुसबू किन्नर के घर को डोनेटर से उड़ाए जाने के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी ने खुशबू किन्नर से प्रभावित होकर तीन लोगों को जेल भेज दिया। इन सभी के पास से पुलिस ने डोनेटर भी बरामद किया था। यह पूरी गिरफ्तारी पुलिस ने पैसे के प्रभाव में किया था। पुलिस के इस फर्जीवाड़े के चक्कर में बेगुनाहों को 84 दिन जेल में बिताना पड़ा।

अब पीड़ित अपने इस अपमान के लिए न्यायालय का शरण लिए है।
23 दिसंबर को बलुआ के थाना प्रभारी अतुल प्रजापति, मोहरगंज चौकी प्रभारी सुभाष गौतम, हेड कांस्टेबल राजबहादुर सरोज, कांस्टेबल अनुराग गुप्ता व कांस्टेबल अल्ताफ अहमद ने तिरगांवा पुल से एक स्कार्पियो UP 62 AQ9777 गाड़ी से तीन ब्यक्तियों को पकड़ने का दावा किया। जिसमें पुलिस ने अभिषेक के पिता मनोज, विशाल व मनीष को पकड़ने का दावा किया। पुलिस ने इन सभी के पास से खुशबू किन्नर का घर उडाने के लिए प्रयोग किये गए डोनेटर व तार बरामद करने का दावा किया था। जबकि मनीष पुत्र मुन्ना जो अपने बहन के लिए खिचड़ी लेकर आया था जो घर में सो रहा था जिसे बलुआ थाना प्रभारी ने घर पर तांडव करते हुए इन सभी को उठा ले गयी।

फर्जी जेल जाने के बाद इन सभी के परिजनों ने मुख्यमंत्री से मिलकर बलुआ पुलिस का शिकायत किया। मुख्यमंत्री ने मामले का जांच कराने का एडीजी को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के पूरे मामले का जांच जौनपुर के एडीशनल एसपी से कराया गया। जिसके बाद एडीशनल एसपी ने बलुआ के अपराध संख्या 327/25 का विवेचना कर रहे सुभाष गौतम से विवेचना को जय प्रकाश से करा दिया। अब विवेचना में यह पाया गया कि जिन तीन लोंगो को पुलिस ने जेल भेजा है उन लोंगो के घर वालों ने अपने घर से पकड़कर पुलिस के ले जाने का साक्ष्य दिया। इसके बाद विवेचक ने 192कि रिपोर्ट दे दिया। जिसके बाद इन सभी को जेल से रिहा कर दिया गया।