ब्यापारी कि हत्या पर विपक्ष की सक्रियता, एकता रैली में उपस्थित रहने के बाद भी पूर्व मंत्री नही पहुंचे दवा व्यवसाई के परिजनों से मिलने
मुगलसराय के ब्यापारियों ने ही सांसद के डूबती नाव को दिया था सहारा

Chandauli news : जब तक स्वार्थ का धागा था, रिश्ता बहुत गहरा था, और जब स्वार्थ का धागा टूट गया, तो रिश्ता भी खत्म हो गया।” यह चंद लाइने भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री पर सटीक बैठ रही है। पिछले दिनों दवा ब्यवसाई कि हत्या के बाद जनआक्रोश बढ़ रहा है। ब्यापारी जीवन रक्षक दवा कि दुकानों को आक्रोश में बंद कर दिया। पक्ष विपक्ष भी पार्टियों के स्थानीय लोग एस घटना से मर्माहत होकर दवा ब्यवसाई के घर पहुंच गये। लेकिन घटना के दूसरे दिन अभी शव पोस्टमार्टम हाउस में था। यहां पूर्व से निर्धारित भाजपा का सरदार पटेल कि 150 वीं जयंती पर एकता रैली निकाली गयी थी। जिसमें पूर्व मंत्री भारत सरकार और चन्दौली के पूर्व सांसद डॉ महेंद्रनाथ पाण्डेय भी पहुंचे थे।लेकिन वह एकता रैली से चंद कदम कि दूरी पर ब्यापारी के यहां शोक संवेदना प्रकट करने नही गये।

जबकि यहीं मुगलसराय दूसरी बार के चुनाव में जनपद के दो दो विधानसभा में डूब चुकी नाव का सहारा बना था। ऐसा भी नही है कि मामले कि जानकारी न हुआ हो, बकायदे एकता रैली का शुभारम्भ होने से पूर्व दवा व्यापारी रोहिताश पाल के हत्या को लेकर शोक संवेदना हुआ था। यहां न पहुंचने का कारण आखिर क्या रहा कहीं विपक्ष की सक्रियता या फिर अपने सरकार में बेपटरी हो चुकी क़ानून व्यवस्था के सवालों के बौछार की चिंता। जबकि विपरीत परिस्थिति में दवा व्यवसाई के हत्या के तत्काल बाद विधायक रमेश जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष राणा सिंह, राज्य सभा सदस्य दर्शना सिंह पीड़ित के घर पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स दिया। यहीं नही दूसरे दिन तो राणा प्रताप सिंह ब्यापारियों के पूर्ण बंदी में भी उपस्थित रहे। उनके सामने ही विपक्ष ने स्थानीय पुलिस व सरकार को घेरा। खुद उन्होंने पुलिस प्रशासन को जल्द से जल्द घटना का खुलासा करने के लिए आगाह करते हुए कहा की इसमें समय देने की स्थिति में हम सब नही है।