- जमानिया स्टेशन को साढ़े चार हजार में बेच दिया कारखास
- 3मिनट तक रोक लो गाड़ी नहीं कोई आपत्ति
Chandauli news : बिहार में शराब बंदी क्या हुआ यहां शराब तस्करी युवाओं के लिए एक रोजगार हो गया। इस कार्य में क्या महिला और क्या पुरुष सब एक दुसरे से आगे निकलने में लगे है। कुछ दिन पूर्व समस्तीपुर स्टेशन पर रेलवे के कर्मचारियों से तालमेल गड़बड़ होने पर एक बला की खूबसूरत लड़की जिसके मासूमियत व पहनावे किसी बड़े अधिकारी से कम नहीं लग रहे थे। वह 72 लीटर शराब के साथ पकड़ी गयी। एसी के प्रथम कोच मेने यात्रा करते हुए जीआरपी की टीम ने युवती को पकड़ा।
सड़क मार्ग से शराब तस्करी करने के बजाय अब रेल मार्ग से तस्करी हो रही है। इसके लिए बकायदे रेलवे सुरक्षा में लगे खाकी वर्दी धारी की मिलीभगत से हो रही है। रेल से बिहार के लिए यात्रा कर रहे बिना स्टेशन के ही गाड़ी रुक गयी तो इसके पीछे गाड़ी को सिग्नल नहीं मिल रहा यह कारण नहीं हो सकता। बल्कि उस गाड़ी में जीआरपी के मदद से शराब चढ़ाई जा रही होगी। बीच में 01- 03 मिनट गाड़ी रोकने के लिए मुगलसराय से ही तस्करों के कुछ लोग चढ़ जाते है। जो छोटे स्टेशनो के पहले या बाद में गाड़ी रोककर दर्जनों की संख्या में झोला, बैग में भरा शराब चढ़ाया जाता है। रेल रोकना कानून के साथ अब अपराध नहीं बल्कि ब्यापार में कानून का हिस्सा होना हो गया।
कुछ इसी अंदाज में एक ऑडियो वायरल हो रहा। जिसमें तस्कर एक बार फिर से बिहार मे शराब बेचने का धंधा चालू करना चाहता है। जिसके लिए बकायदे फोन पर ही डील चल रही है। कथाकथित तस्कर व रेल कर्मचारी के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है।