- कर्मचारियों का आरोप मेहनत किसी और का फोटो खिंचाने में सबसे आगे

Chandauli news : 13 साल से फरार पाक्सो के आरोपी को गुजरात से टीम पकड़ कर ले आयी। इस पर पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को टीम को प्रशस्ति पत्र व 10 हजार रुपया का नकद पुरस्कार दिया। प्रशस्ति पत्र को कप्तान के हाथ कर्मचारियों को मिल गया लेकिन पैसे के बंटवारे मेने लोचा हो गया। जिसको लेकर चौकी इंचार्ज व एसओ में ठन गयी।

सूत्रों की माने तो पैसा एसओ के हाथ लगा जिसका बंटवारा नहीं हुआ। इस बात का जब कर्मचारियों ने आपत्ति दर्ज कराई तो जबाब में कुछ आपत्तिजनक बातें एसओ की तरफ से आ गयी। अब इस बात पर विरोध का स्वर इसकदर फूटा है कि पूरे घटना व गिरफ्तारी में एसओ के योगदान पर है प्रश्न चिह्न उठने लगा। टीम का कहना है कि आरोपी कि गिरफ्तारी सर्विलांस के लोकेशन व चौकी इंचार्ज व कांस्टेबल के मेहनत का नतीजा है। यही नहीं दो करोड़ से अधिक का शराब जो पकड़ा गया वह भी सर्विलांस ने पकड़ा। एसटीएफ ने गांजा पकड़ कर सुपुर्द दिया। अब जब पुरस्कार कि बारी आयी तो सबसे पहले फोटो खिंचाने में आगे हो गए। मामला तब तूल पकड़ा जब एसओ ने कप्तान के हाथों नकद धनराशि का लिफाफा पकड़ रहे थे उस दौरान चौकी इंचार्ज रेलवे भी साथ रहे। लेकिन शोसल मिडिया में चौकी इंचार्ज का फोटो क्राप कर लगा दिया गया। इसके बाद से विरोध का स्वर तेज हो गया। एक ग्रुप में सार्वजनिक रूप से चौकी इंचार्ज ने आरोप लगाया कि फोटो क्राप कर लगायी गयी है। फिलहाल मुगलसराय में नकद पुरस्कार के बंदरबाट कि चर्चा तेज है।