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पति पत्नि के बीच मनमुटाव दूर कराने में महिलाथानाध्यक्ष नहीं ले रही रूचि

पुलिस पति से पीड़ित पत्नि महीनो से लगा रही एसपी के यहां चक़्कर

हर बार महिला एसओ को कार्यवाही करने का दिया जा रहा निर्देश

आईजीआरएस निस्तारण में भी पिछले माह रही फिसड्डी




Chandauli news : पति पत्नि के बीच मनमुटाव के बाद मामला गंभीर हुआ और उसमें पुलिस का दखल हुआ तो सबसे पहले मामला दर्ज करने की बजाय इस नाजुक रिश्ते को बचाने के लिए पुलिस मिडिएशन कराती है। इसके लिए बकायदा महिला थाना प्रभारी की नियुक्ति है। पुलिस अधीक्षक के यहां से ऐसे मामले सीधे महिला थाना को भेजा जाता है। लेकिन महिला थानाध्यक्ष समझौता कराने पर बहुत ध्यान नहीं देती।

सूत्रों की माने तो थाने पर तीन-चार साल से हेड कांस्टेबल तैनात है उन सभी के द्वारा ही मिडिएशन कराया जाता है। जबकि महिला थानाध्यक्ष दिलचस्पी नही दिखाती। उसी मामले में रूचि लेती है जिसमें इनके कर्मचारी हरी झंडी देती है।
पीड़ितों की बात न सुनने कि शिकायत पुलिस अधीक्षक दरबार तक उस समय पहुंच गयी ज़ब एक पुलिस पति से पीड़ित उसकी पत्नि लगभग एक महीने से कभी महिला थाने तो कभी एसपी दरबार दौड़ रही। यहां तक की पिछले दिनों एडीजी व डीआईजी के आगमन के समय भी पीड़ित पुलिस की पत्नि ने दहाड़े मार कर रोती हुयी पुलिस लाईन पहुंची थी।

उस समय अधिकारी द्वय ने मामला एडीजी तक न पहुंचने पाये इसके लिए सीओ सकलडीहा से पीड़िता के शिकायत को सुन मामला हल कराने के लिए कहा। महिला सीओ स्नेहा तिवारी ने ज़ब पीड़िता की बात सुनी तो पता चला की महिला का पुलिस पति मुगलसराय में तैनात है। जो उस समय जिले की तरफ से खेलने के लिए गैर जनपद गया था। सीओ ने मामले को महिला थाना प्रभारी को यह कहते हुए पकड़ा दिया की इस मामले को प्राथमिकता से लेना है। लेकिन यहां तो साहब अपने अंदाज में पीड़ितों की बात सुनने की आदती जो है।

उनके आगे क्या किसी का निर्देश। लापरवाही इस कदर हुयी की आज तक महिला टहल रही है। सोमवार को एक बार फिर से पुलिस अधीक्षक के य पुलिस कर्मी की पत्नि के पहुंचने पर महिला थाना प्रभारी को तलब किया। पूछताछ में पता चला की मैडम को यह भी पता है की जिसके उपर आरोप लगा है वह कहाँ रह रहा। हलांकि सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने ज़ब पता लगाया तो अभी वह जिले की तरफ से खेलने के लिए गया है।

यही नहीं लापरवाही का आलम यह है की पिछले महीने जनपद के 66 स्थान पर था। जिसमें महिला थाना भी आईजीआरएस निस्तारण में फिसड्डी था।

मृत्युंजय सिंह

मैं मृत्युंजय सिंह पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त न्यूज़ सम्प्रेषण के डिजिटल माध्यम से जुडा हूँ.मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की ख़बरों को प्रमुखता से उठाना एवं न्याय दिलाना है.जिसमे आप सभी का सहयोग प्रार्थनीय है.

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