सरकारी जमीन पर कब्जा कराने के मामले में चंदौली में तहसीलदार रहे विराग पाण्डेय, सतीश कुमार और लालता प्रसाद को शासन किया सस्पेंड
मुगलसराय में दामोदर दास तालाब कि जमीन पर अवैध अतिक्रमण कराने वालों पर कार्यवाही
शासन ने बैठाया जांच, 95 मुकदमे में तहसीलदार ने बदल दिया था फैसला

Chandauli news : शासन ने सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने कि बजाय पैसा लेकर अपने ही बेदखली के आदेश को वापस लेने के मामले में चंदौली के डीडीयू नगर में तैनात तत्कालीन तहसीलदार व प्रमोशन पाकर एसडीएम बने विराग पाण्डेय, सतीश कुमार व लालता प्रसाद को गुरुवार को निलंबित कर दिया। इन तीनो अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गयी।
बताते चले कि जिले का डीडीयू नगर तहसील सृजन के बाद से ही यह अधिकारियों के लिए मुनाफे का तहसील रहा। कारण कि यहां मुगलसराय में स्थित दामोदर दास तालाब कि जमीन पर लगभग 95 लोंगो का अवैध कब्जा है। जिसे अधिकारी अपने हिसाब से इसकी फाइल को जिन्दा मुर्दा करते है।
इस तहसील में तैनात अधिकारियों में सबसे भ्रष्ट अधिकारी के रूप में विराग पाण्डेय ने अपनी पहचान बनाई। इसके पीछे का कारण है कि डीडीयू नगर मे तहसीलदार के पद पर तैनात होने के बाद जमीनी विवाद के मामले को एक एक कर उन्होंने जानकारी ली। इसके बाद शासन ने तहसीलदार से एसडीएम के रूप में प्रमोशन दे दिया। अधिकारियों के यहां ठीक ठाक पकड़ बनाकर पुनः डीडीयू नगर मे एसडीएम बन गए। एसडीएम बनने के बाद इनके लूट पाट का रफ्तार इस कदर बढ़ा कि सरकारी सम्पत्ति पर कब्जा करने वाले 95 लोंगो के 67(1) कि कार्यवाही को वापस ले लिए।
एसडीएम के भ्रस्टाचार कि जानकारी 24newstime.Com ने उजागर किया। जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी निखिल फूंडे ने एसडीएम से हटाकर इन्हे ओसी बना दिया। इसके बाद से जांच चल रही थी। जिसके बाद शासन ने जांच टीम बनाकर भेजा था। जांच टीम के रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार को कार्यवाही हुयी है।