- शासकीय अधिवक्ता सरकार का रखे पक्ष, विपक्ष के तरफ न रहे झुकाव

24News desk : सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के उपर 67 ए कि कार्यवाही के बाद मामला राजस्व न्यायालय में लंबित हो जा रहा है। इसका समय पर निस्तारण आवश्यक है। शासकीय अधिवक्ता सरकार के लिए कार्य करें न कि अतिक्रमण कारियों के तरफ उनका झुकाव हो। उक्त दिशा निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान कहा । उन्होंने निर्देश दिए कि राजस्व मामलों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद आमजन के जीवन, किसान हितों और सामाजिक सौहार्द से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इन मामलों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तकनीक आधारित व्यवस्था, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि आम नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा से अधिक अवधि से लंबित वादों का अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। तहसील और जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा हो तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों की जवाबदेही तय की जाए। राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा वर्षों से लंबित पुराने मामलों के निस्तारण के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए।