उच्चाधिकारियो के खिलाफ भी जनआक्रोश
Chandauli news : मुखिया चाहे नेक हो, नीयत साफ अपार,पर तंत्र पुराना भ्रष्ट है, लाचार खड़ी सरकार। फाइलों में कैद हैं वादे, दफ्तरों में धूल, ईमानदार मुखिया के भी, रास्ते गए हैं भूल।
यह चंद लाईन आज के वर्तमान सरकार के ब्यूरोकेसी ऑफिसरों पर बखूबी बैठ रही है। जुलाई माह के सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा में चंदौली जिले का प्रदर्शन यहां के अधिकारियों की काबिलियत को आईना दिखा रहा है। 75 जिले के उत्तर प्रदेश में अपने जिला कोड UP67 से एक पायदान उपर उठा है।

जुलाई माह के सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा की बात छोड़ दिया जाय तो यहां के अधिकारियों की कार्यशैली से अब आम जनमानस में भी उबाल है। आधा दर्जन से ऐसे विभाग है जहाँ खुलेआम भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह बात अलग है कि यह जितने बड़े भ्रस्ट है उनकी पहुंच भी सफेदपोशो से उतनी ही ठीक है। जिसके कारण इनकी दुकानदारी चल रही है। उधर मुखिया अपने ब्यक्तिगत छवि से प्रदेश को ईमानदारी कि राह पर चलने के लिए गाड़ी खींच रहे है। जबकि आये दिन धरना प्रदर्शन आदि का कार्यक्रम यह जन आक्रोश का कारण बन रहा है। लेकिन शासन तक यह बात पहुंचने न पाए इसके लिए इसे राजनितिक रूप देने में पूरी ऊर्जा लगायी जाती है। जनता कि समस्याओं का निराकरण करने कि बजाय यहां अब ओटीपी मांगकर निस्तारण कराने मे अधिकारी ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे है।