- 13 तहसीलदार व नायब को कारण बताओ नोटिस
- काश! बड़ी कार्यवाही से चंदौली के लापरवाह अधिकारियों की खुल जाती नींद
Chandauli news : प्रदेश सरकार ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की बजाय तहसीलदार कोर्ट में लटकाने वाले पांच तहसीलदार को निलंबित कर दिया। वहीं 13 के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसमें नायब तहसीलदार भी शामिल है।

सरकारी जमीन, नाला, खलिहान तालाब व चकमार्ग पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने का संकेत प्रदेश सरकार ने दिया है। इसके बाद भी कई तहसीलदार ऐसे है जो कार्यवाही के नाम पर 67 की कार्यवाही कराकर अपने न्यायालय में मुकदमा को विचाराधीन रखें हुए है। इसके लिए लगातार आईजीआरएस व मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल पर लोग शिकायत करते रहे आ रहे है। जिसके क्रम में अधीनस्थ न्यायालय में विचाराधीन बताकर रिपोर्ट लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दे रहे है। सरकार ने पिछले दिनों फर्जी रिपोर्ट पर शिकायत पत्र का निस्तारण मामले को संज्ञान में लेकर जाँच कराई तो पांच जिले के तहसीलदार वाद निस्तारण को दबाये पड़े हुए है। जिसके बाद सरकार ने बड़ी कार्यवाही करते हुए हरदोई के अमित यादव, देवरिया के के के मिश्रा, जौनपुर के सौरभ, गाजीपुर के रंजन वर्मा व प्रतापगढ़ के तहसीलदार अलख शुक्ला को निलंबित कर दिया। जबकि गोरखपुर के चंद्रकेश, कुशीनगर के नायब तहसीलदार गोपाल, जौनपुर के तहसीलदार रवि रंजन, बलरामपुर के राकेश, गोण्डा के कविता ठाकुर, फिरोजाबाद के देवानंद तिवारी, लखनऊ के नायब स्नेहिल वर्मा,यजुवेंद्र सिंह, सुखबीर व अमेठी तहसीलदार राहुल सिंह, प्रतापगढ़ के नायब अनिल कुमार व रायबरेली के रमाशंकर को कारण बताओ नोटिस मिला है।
प्रदेश सरकार के कार्यवाही से हड़कम्प मचा हुआ है। काश! इस बड़ी कार्यवाही से चन्दौली जिले में तैनात मदमस्त अधिकारी की निद्रा शायद खुल जाती तब सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने में कुछ दिलचस्पी दिखाते।