- एक दिन पूर्व डीजीपी के नसीहत का एसपी ने सीओ से करायी पहल
Chandauli news : डीजीपी राजीव कृष्णा सोमवार को लखनऊ में पत्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए कहा की मिडिया के साथ अच्छा ब्यवहार रखना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व थाना थाना इंचार्ज का दायित्व है। जो लोग इसका पालन नहीं करते है उनके खिलाफ कार्यवाही भी हो सकती है। अब मुख्यालय पर बैठे पुलिस विभाग के मुखिया दिशा निर्देश तो दे दिए लेकिन उनके आदेश को वरिष्ठ अधिकारी तो दूर थाना प्रभारी ही उनके आदेश ठेंगे पर रख दिए।

सदर कोतवाल पर पत्रकार के साथ थाने में बदलूकी का आरोप लगा। पत्रकार का आरोप है की दो दिन पूर्व चोरी के मामले जी जानकारी देने के लिए एक पत्रकार ने इंस्पेक्टर को फोन किया। फिर क्या था कइतना सुनते ही पत्रकार को चोर, दलाल आदि सब एक सांस में बना डाले। इसी बीच मंगलवार को शराब तस्कर गैंग का पर्दाफाश हुआ। जिसके बाबत कुछ लोग कोतवाली पहुंच गए। अब जौनपुर में पत्रकार को मां बहन की गाली देने के मामले में चर्चा में आये इंस्पेक्टर ने यहां भी वहीं वाला अंदाज शुरू किया। जिसके बाद पत्रकार व इंस्पेक्टर के बीच तल्खी बढ गयी। हलांकि कोतवाली के दूसरी तरफ कार्यालय मेने बैठे एसपी के यहां पत्रकार पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। डीजीपी के बयान को 24 घंटा भी नहीं हुआ था की बदसलुकी का मामला आ गया। जिसपर एसपी ने सदर सीओ को बीच बचाव व संबंध मधुर कराने के लिए लगाया। वहीं चार बजे से तस्करों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर पुलिस अपना गुडवर्क भी पत्रकारों के समक्ष रखने वाली थी। इन सभी बात को देखते हुए सीओ सदर ने दोनों पक्ष को साथ बैठाकर मामले पर मिट्टी डालने का प्रयास किये जो सफल रहे।
इस संबंध में सीओ सदर नामेंद्र कुमार ने बताया की दोनों पक्ष के बीच बात चीत के साथ ही पहचान की कमी के कारण ऐसा आरोप प्रत्यारोप लगा है। लेकिन आपसी सहमति से बात बन गयी है।