- अंतर्राष्ट्रीय साईबर ठग का भंडाफोड़, लाखों रूपये कराया सीज
- मगध विश्वविद्यालय से सीखे जापानी भाषा, दर्जनों का साफ किया खाता
Chandauli news : बिहार राज्य बोध गया जहाँ से ज्ञान प्राप्त गौतम बुद्ध एक प्रसिद्धि प्राप्त कर लिए। उसी बोध गया के जन्मे पांच दोस्तों ने पल बढ़ व पढ़ कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का साईबर फ्राड बन गए। इन सभी ने इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुगलसराय को अपने सुरक्षित ठिकाना बनाया। यहां अत्याधुनिक काल सेंटर बनाकर अपने लूट पाट कि दुकान को चला दिया। इटने बड़े साईबर फ्राड हुए कि भारत को छोड़कर अन्य देश के नागरिकों को अपने निशाना बनाकर लाखों रूपये उन सभी से लुटे। हलांकि इन सभी कि दुकानदारी पुलिस ने बहुत दिन चलने नहीं दिया। मंगलवार को इस कार्य में लगे पांच दोस्तों को पुलिस भारी भरकम कम्प्यूटर आदि उपकरणो के साथ पकड लिया। जबकि इन सभी के खाते में उपलब्ध ₹ 9 लाख भी जब करा दिए। पूछताछ के बाद साईबर फ्राड कि पुष्टि होने पर बुधवार को जेल भेज दिया गया।

पकड़े गए साईबर ठगों के विषय में जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने पत्र प्रतिनिधियों को बताया कि पुलिस गिरप्त में आये रौनक़ सिंह पुत्र इन्द्रमोहन, रोशन कुमार पुत्र विनोद, अमन पुत्र उमेश, अंकित पुत्र राजेश, विकास वैभव पुत्र नवबिंद। यह सभी गया जिले के अलग अलग गांव के निवासी है। इन सभी ने कम्प्यूटर में डिप्लोमा तक कि शिक्षा ग्रहण किये हुए है। इसके साथ ही अवध विश्वविद्यालय से जापान भाषा का दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स किये है। जिसके कारण यह सब हिंदी, अंग्रेजी व जापान तीन भाषा बोल लेते है। अपने बौद्धिक ज्ञान का यह सब उपयोग साईबर ठगी में लगा दिए। जिसके लिए मुगलसराय का एक अपार्टमेंट इन सभी ने किराया पर ले लिया।
जिसमें अपने 19 कम्प्यूटर का एक लैब तैयार किये। फिर यह सब zoiper 5 एप व जापान कि बेबसाईट www.oty.com(http://www.oty.com) के माध्यम से जापानी बुजुर्गों को उनके लैपटॉप, आदि के ख़राब होने व रिपेरिंग के नाम पर ओटीपी भेजकर उनका डाटा खाली कर लेते थे। कुछ लोंगो से रिपेयर के नाम पर पैसा तो कुछ के खाते को डायरेक्ट साफ कर देते थे।
पिछले छह माह से कार्यालय खुलने आदि के बाद भी इन पांच सदस्यों के अलावा किसी का आना जाना न होने पर स्थानीय लोंगो को शक हुआ। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दिया। मुगलसराय प्रभारी अर्जुन सिंह सीओ अरुण सिंह के नेतृत्व मे स्वाट व सर्विलांस कि टीम को लेकर पहुंच गए। जहाँ किसी को यह सब वीडियो काल के माध्यम से बेवकूफ बनाने में मशगुल थे। जबकि एक साथी जो खाली था वह पुलिस कि आहट से पहले ही खिसक लिया था। पुलिस ने इन सभी का जाँच पड़ताल किया तो यह सब जापान से जुड़े हुए थे। जब कड़ाई से पूछताछ किया गया तो दो खाते पुलिस को हाथ लगे जिसमें कुल 09 लाख रुपया बरामद हुआ। जिसे फ्रिज कर दिया गया। वहीं इनके पास से 19 मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 की -बोर्ड, 18 माउस, 18 हेडफोन, 03 लैपटॉप, 06आइफोन, 03 वाई फाई राऊटर बरामद हुआ है।