- अलीनगर के पूर्व इंस्पेक्टर का गुर्गा भी जिला बदर सूची में शामिल
- विधायक व सांसद के साथ फोटो नहीं आया काम
Chandauli news : एक कहावत है पुलिस कि दोस्ती भली न दुश्मनी….. वह भी तब जब पुलिस के अपने दामन पर छिंटा पड़ जाय तब तो फिर भगवान ही मालिक है। कुछ ऐसी ही स्थिति गुरुवार के दिन जिलाधिकारी कोर्ट के आदेश को देखने के बाद आया। डीएम कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक के रिपोर्ट पर तीन ब्यक्तियों को जिला बदर किये है। जिला बाद किये गए तीनों ब्यक्तियों कि अपराधिक पृष्ठ भूमि है। इसमें एक ग्राम प्रधान भी है। जो अलीनगर थाने के पूर्व इंस्पेक्टर के कारखास होने के साथ ही जमीन के मामले में पुलिस कि ठीक ठाक इनकम कराने का एक स्रोत रहे है। यही नहीं जिले के विधायक से लेकर सांसद तक के साथ फोटो खिंचाकर अधिकारियों के यहां दबाव बनाते रहे है।
पूर्व में एक जमीन के मामले में पुलिस से इतनी अच्छी पकड़ होने के कारण खुद ही इंस्पेक्टर बन कर शिकायतकर्ता को धमकी देने लगे। जिसकी ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो वायरल होने के बाद जिस इंस्पेक्टर के लिए कारखास बने पड़ रहे थे उनके हो कार्यकाल में एसपी आदित्य लांग्हे ने मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसके बाद इनके उपर 05 मुकदमें हो गए।
अब डीएम के यहां भेजे गए रिपोर्ट के बाद अमोघपुर के प्रधान सुनील चौहान को डीएम ने जिलाबदर कर दिया। इनके द्वारा दिए गए हफनामा व जबाब से डीएम संतुस्ट नहीं हुए। गुरुवार को प्रधान सहित कुल तीन लोंगो को छह माह के लिए जिला बदर कर दिए। अब प्रधान जी को अलीनगर कि पुलिस अपने जिले के बॉर्डर से गैर जनपद छोड़ेगी।