- खनन के लिए तहसील से कोई अनुमति नहीं : एसडीएम
- रात्रि गश्त में नहीं निकलते प्रभारी, फॉलोअर के माध्यम से हो रही वसूली

Chandauli news : थाना प्रभारी चार्ज लेने के बाद सबसे पहले कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अवैध कारोबार नहीं होने देने जैसे कई तरह की प्राथमिकता ऐसे बताते है जैसे उनके थाना क्षेत्र में एकदम रामराज्य स्थापित होगा। लेकिन अधिकांश थाना प्रभारियों की प्राथमिकता केवल मौखिक और कहने की बात होती है। पहली मीटिंग प्रभारी थाने के स्टॉफ के साथ लेते है उसी मीटिंग में थाने के राजस्व की भी चर्चा हो जाती है। जो एक विशेष कर्मी होता है। किस किस मद में कहा से पैसा मिलता है इसकी जानकारी के बाद कार्य प्रगति पर हो गया।
कुछ ऐसी ही स्थिति इस समय मुगलसराय की है। जहाँ अवैध करोबार बिन रोक टोक के चल रहा। रौना, सहजऊर जैसे गांव में रात्रि के 10बजे के बाद जेसीबी ट्रेक्टर लगाकर मिट्टी खनन का कार्य हो रहा। उधर साहब अपने कमरे में नींद फरमा रहे। सुबह होते ही रात्रि की कमाई चाय के प्याले के साथ उनके बेड पर आ जाती है। इसके बाद तो साहब का दिन शुभ हो जाता है।
विभागीय सूत्रों की माने तों पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अवैध शराब बिक्री के मामले में इंस्पेक्टर राजेश सिंह को निलंबित कर दिए थे। उसके बाद से कोई भी कांस्टेबल कारखास कोई बनने को तैयार नहीं हुए। जिससे परेशान साहब ने इसकी जिम्मेदारी अपने प्राइवेट फॉलोअर रामू को दे दिए है। अब रामू दो जून की रोटी के बाद साहब के धनागमन में जी जान लगाया है। रामू के सपोट में 2015 बैच के एक दरोगा जी लगे है। जो रात्रि में रामू को लेकर निकलते है जेसीबी वालों से वार्ता करते हुए वापस आ जाते है। उधर साहब भी ज़ब तक एसपी सभी थाना प्रभारियों को गश्त पर निकलने का दिशा निर्देश नहीं देते तब थाना प्रभारी कमरे से बाहर गश्त पर नहीं निकलते।