देर रात्रि तक बजती रही बधाईयां होते रहे कार्यक्रम

Chnadauli news : भाद्र पद मास कृष्ण पक्ष कि अष्ट्मी तिथि यह एक ऐसा दिन है जिस दिन धरती के सबसे बड़े नटखट का जन्मदिन लोग उत्साह के साथ मनाते है। रात्रि के 12 बजे के बाद घंटा घडियाल के साथ आरती व भजन से पूरा जिला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर भक्ति और उल्लास में डूबा हुआ है। मंदिरों और घरों में विशेष पूजा-अर्चना, श्रृंगार और झांकियों का आयोजन किया गया था । घरों में लोग अपने छोटे छोटे बच्चों को कान्हा के बाल रूप में सजाए थे। इसके साथ ही कहीं दही हांडी प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से कान्हा का जन्मोत्सव और भी रंगीन हो गया है।

घरों व मंदिरों के अलावा जन्माष्टमी के त्यौहार को पुलिस विभाग पूरे उल्लास से मनाती है. कारण कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुए था। जनपद के सभी थानों पर पूरे उल्लास के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाया गया। थाना प्रभारी बकायदे अपने इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आम जनमानस के अलावा राजनैतिक, अधिकारी हर क्षेत्र से लोंगो को आमंत्रित करते है। पुलिस के आमंत्रण पर बकायदे जनप्रतिनिधि व अधिकारी हर कोई थाने जन्माष्टमी में सम्मिलित हुए।

सैयदाराजा विधायक सुशील सिंह कंदवा, धानापुर, बलुआ व सदर थाना पहुंचे तो वहीं चकिया विधायक कैलाश खरवार बबुरी, इलिया व चकिया, रमेश जायसवाल मुगलसराय, अलीनगर में पहुंचे। पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पाण्डेय भी सदर कोतवाली पहुंचकर जन्माष्टमी में सम्मिलित हुए। सायं काल से ही अतिथियों के स्वागत में थाना प्रभारी व उनके स्टॉफ लगे रहे। इसके साथ ही थानों पर भजन कीर्तन तो कहीं देवी जागरण का कार्यक्रम भी रखा गया था। रात्रि के 09 बजे के बाद वैदिक मंत्रोचार के साथ पूजन अर्चन शुरू हुआ. 12 बजे नंद के लाला का विधि विधान से जन्म कराया गया। पंचामृत से स्नान आदि कराकर नया वस्त्र व श्रृंगार किया गया। सदर कोतवाली में अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर, अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन दीगम्बर कुशवाहा, प्रशिक्षु सीओ आकांक्षा गौतम, इंस्पेक्टर संजय सिंह,अलीनगर में सीओ सदर मुरारी शर्मा, मुगलसराय में इंस्पेक्टर गगन राज सिंह, बबुरी इंस्पेक्टर एसपी मिश्रा, चकिया एसओ अर्जुन सिंह, इलिया एसओ अरुण सिंह, कंदवा थाना प्रभारी प्रियंका सिंह ने जन्म होने के उपरांत बाल स्वरूप कान्हा का घंटा घडियाल से आरती श्रृंगार पूजन किये । एक साथ पूरे जिले में घंटा व शंख कि आवाज से वातावरण गुंजायमान था।