- यातायात के आधा दर्जन सिपाही दरोगा पर बैठाया जांच
- गौतस्करी के मामले में हुई कार्यवाही

Chandauli news : नवागत पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने दूसरे दिन अधीनस्थो के साथ बैठक के पूर्व ही दो पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिए। वहीं यातायात विभाग के आधा दर्जन कर्मचारियों के विरुद्ध प्रारम्भिक जांच बैठा दिए। इसकी जानकारी होते ही बैठक में सम्मिलित होने के लिए उपस्थित हुए थाना प्रभारी व अन्य शाखा प्रभारी पसीना से तरबतर दिखे।
पिछले दिनों दुलहीपुर चौकी प्रभारी धर्मदेव सिंह को लाईन हाजिर किया गया था। जबकि पिछले चार साल से उसी चौकी पर तैनात संतोष यादव कारखासी करते थे। जिनके संरक्षण में मलोखर में जुआ व पंड़वा काटने का काम जोरों पर होता था। लेकिन कारखास के उपर कार्यवाही नहीं हो पा रही थी। जिसकी चर्चा होने पर अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने जांच शुरू करा दिए। जिसके बाद जांच में अवैध जुआ संचालन एवं तस्करी पर प्रभावी रोकथाम में रुचि न लेने पूर्व में चेतावनी एवं निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। इसके साथ ही थाना सैयदराजा पर तैनात उपनिरीक्षक राम प्यारे चौधरी पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। उनके द्वारा अपराधियों के विरुद्ध आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई न करना, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में ढिलाई, उच्चाधिकारियों को समय पर सूचना न देना तथा विवेचनाओं में उदासीनता जैसे गंभीर बिंदु पाए गए। उधर केवल ट्रकों का चालान आदि करने वाली यातायात पुलिस को भी गो-तस्करी से जुड़े मामलों में हाईवे पेट्रोलिंग में लापरवाही माना गया। उक्त मामले में 06 पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है।
इन सभी ने गौतस्करी मामले थाने पर कोई जानकारी नहीं दिया। जिसमें टीएसआई उमाशंकर यादव, टीएसआई मनोज कुमार सिंह सहित अन्य कर्मियों द्वारा घटनाओं की सूचना समय से न देना कर्तव्यहीनता का गंभीर उदाहरण माना गया है। सभी के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।