विधान सभा स्पीकर ने सरकार से कहा ऐसी कार्यवाही हो कि पेश हो मिशाल

Chandauli news : अपराध पर जीरो टारलेंस कि सरकार के नीति को उनके ही अधिकारी किरिकीरी करा दिए। अधिकारियों के फोन न उठाने कि आदत विधासभा सत्र के दौरान विपक्ष के प्रश्नों परसरकार निरुत्तर रही। माता प्रसाद ने थानेदार व पुलिस कप्तान के फोन न उठाने कि चर्चा करते हुए ऐसे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने का आग्रह किया। नेता प्रतिपक्ष के प्रश्न पर सरकार के मंत्री अरुण वसीम को कहना पड़ा कि प्रदेश में कुछ बदतमीज अधिकारी है जो फोन नहीं उठाते होंगे। लेकिन कुछ जरूरी काम में व्यस्त होंगे इस कारण फोन नहीं उठाये होंगे। हलांकि प्रश्न पर जबाब तो दें दिया गया लेकिन कहीं कहीं सरकार अधिकारियों के इस कार्य व्यवहार से आहत हुयी है। इसके बाद विधानसभा स्पीकर ने स्पष्ट रूप से कहा कि अधिकारी विधायक का फोन उठाये ऐसा न करने वालों पर ऐसा कार्यवाही करें कि यह मिशाल बन सके।
वहीं मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिले में डीएम व एसपी के समय से न बैठने पर सभी आयुक्त व एडीजी को को निर्देश दिए है कि अधिकारी जनता दर्शन को सीधे मुख्यमंत्री कार्यलय से जुड़ेंगे। अब डीएम व एसपी के यहां आने वाले फरियादि मुख्यमंत्री कार्यालय में भी दिखेंगे। इसके लिए सुबह 10 से 12 का समय निर्धारित किया गया है। पीड़ित के शिकायत व निस्तारण कि गुणवत्ता का भी मूल्यांकन होगा। सरकार को इस तरह कि सख्ती के पीछे का कारण सामने आया है कि मुख्यमंत्री जनता दर्शन में ऐसे प्रार्थना पत्र पड़े है जो जिला स्तर पर ही उसका समाधान हो जाता। लेकिन अधिकारियों के दुलमुल रवैये के कारण समस्या का समाधान नहीं हुआ।