मिशन कायाकल्प के तहत हो चुका है लाखों खर्च
बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने गये डीएम ने खुली आँख से देखा विद्यालय का हाल

Chandauli news : सरकारी स्कूल के दिशा व दशा बदलने के लिए सरकार खजाना दोनी हाथ से लुटाई। लेकिन आज भी कुछ ऐसे विद्यालय है केवल खानापूर्ति हो रही है। यह हाल तब दिखी ज़ब जिले का मुखिया बाढ़ क्षेत्र के निरीक्षण पर पूरे महकमें के साथ पहुंचे थे। ऐसा नहीं की यह निरिक्षण आकस्मिक था। इसके बाद भी विद्यालय की स्थिति देख जिलाधिकारी भी आओना माथा पकड़ लिए।

गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी के कारण तटवर्ती क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति हो गयी है। खेत व फ़सल को गंगा अपने गोंद में समा रही है। बाढ़ से प्रभावित गाँवो के निवासियों को इस आपदा में सुरक्षित स्थान आदि की ब्यस्था जानने के लिए जिलाधिकारी चन्द्रमोहन गर्ग, एसपी आदित्य लांग्हे, सीएमओ, एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर सहित अन्य अधिकारी लाव लशकर के साथ मारूफपुर पहुंचे। जहाँ बाढ़ चौकी, आश्रय स्थल आदि का निरिक्षण किये। इस दौरान बाढ़ चौकी के पास स्थित अमर शहीद चंदन राय प्राथमिक विद्यालय पर उनकी नजर पड़ गयी। कौतुहल वश पूरा महकमा विद्यालय पहुँच गया। जहाँ मध्याह्ण भोजन के लिए छुट्टी हुई थी। जिसे बच्चों को खानाबदहोश की तरह परोस दिया गया था। सड़क पर आड़े तिरछे बच्चे प्लेट थाली लेकर बैठे थे। जबकि विद्यालयों के दिशा व दशा के बदलने के लिए सरकार खजाने को दोनों हाथ से लुटायी थी। जिसे मिशन कायाकल्प के का नाम दिया गया। इस योजना के तहत विद्यालयों के वातावरण व उसके मरम्मत व साज सज्जा पर खर्च करना था। बच्चों को बैठने के लिए टेबल कुर्सी, भोजनालय, शौचालय , सुरक्षा के लिए स्कूल की बाउंड्री आदि शामिल था। विद्यालय का कायाकल्प तो नहीं हुआ लेकिन प्रधान व हेडमास्टर का काया जरूर बदल गया।