17 जनवरी को भारत के मुख्य न्यायाधीश और प्रदेश के मुखिया न्यायालय भवन निर्माण का करेंगे शिलान्यास
सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट कर 23 जजों कि रहेगी उपस्थिति

आनंद सिंह (चीफ एडिटर)
Chandauli news : अपने जन्म काल से ही यह जनपद संघर्ष की गाथाओं से भरा है। कभी नक्सल प्रभावित होने का तो वर्तमान में पिछडे जनपद होने का दंश झेलता आ रहा है। अपनी जायज मांगों के लिए जिले के बुद्धिजीवियों,अधिवक्ताओं और सामान्य जनों को अनेकों बार सडक पर उतरना पडा है। लेकिन कहा गया है कि जब मिलने लगता है। तब ऐसा लगता है उपर वाला छप्पर फाडकर देने पर आ गया है। यह महज कपोल कल्पना नहीं बल्कि 17 जनवरी को यहां वास्तविक रुप में साकार होने जा रहा है।

जनपद न्यायालय भवन निर्माण के शिलान्यास समारोह उक्त तिथि को सुनिश्चित हुआ है। इस समारोह की विशिष्टता केवल इस बात से बढ जा रही है कि बतौर मुख्य अतिथि भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का शुभागमन संभावित है। यही नहीं समारोह में उच्चतम और उच्च न्यायालय के संभवतः 23 उच्च पदस्थ न्यायधीश भी पधार रहे हैं। इन सभी सम्मानित न्यायमूर्तियों का स्वागत पूरे उत्तर प्रदेश की जनता की तरफ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। यहीं से अन्य 6 जिलों में बनने वाले न्यायालय भवनों का शिलान्यास भी होगा।
भारत के मुख्य न्यायाधीश का इस वनवासी,आदिवासी और पिछडे वासियों से भरे जिले के इतिहास में प्रथम बार आगमन होने जा रहा है। यह जानकारी ही प्रत्येक जनपदवासी को रोमांच से परिपूर्ण कर दे रही है। न्याय के सर्वोच्च जहां आ रहे हों। वहां और क्या मांग लिया जाय। यह लोग तयं नहीं कर पा रहे हैं। केवल मन में लोगों के वह भाव आ रहा है कि जो वास्तविक जरूरत थी। वही पूरी होने जा रही है। अब कुछ भी मांगा जायेगा। तब इससे कम ही होगा। इतना ही अपनेआप में इतिहास बनने जा रहा है कि पिछडे जनपदवासियों को आगे लाने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच स्वयं आ रहे हैं। अधिकारी,कर्मचारी जहां पूरी व्यवस्था और साफ सफाई को चाक चौबंद करने में लगे हुए हैं। वहीं अपनी स्नेहिल भावनाओं को अंजुरी में समेटे जनपदवासी इस शुभ घडी का इंतजार कर रहे हैं।