- बृजननंदिनी ग्लोबल एकेडमी में पहुंचे पूर्व भारतीय हॉकी खिलाडी

Chandauli news : बच्चों पर अभिभावक परसेंटेज का बोझ न डालें। उन्हें खुले दिमाग़ से सोचने और करने कि छूट दें। उक्त बातें रविवार को बृजननंदिनी ग्लोबल एकेडमी के उड़ान 2026 व विरासत 2026 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व भारतीय हॉकी खिलाडी ललीत उपाध्याय ने कहा। ललित उपाध्याय भारत के लिए 183 मैच खेले। जिनमें उन्होंने 67 गोल किए और 2021 में अर्जुन पुरस्कार। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में कांस्य पदक जीते। हॉकी से सन्यास के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सीओ के पद पर नियुक्त किया है।

अपने सफल कैरियर का अनुभव साझा करते हुए बच्चों से कहा कि वह अपने पढ़ाई के अंक को टास्क के रूप में लें। इसके साथ ही उन्होने कहा कि हमेशा अपने शिक्षक व माता पिता के प्रति सम्मान का भाव रखें। उन्होंने कहा कि शिक्षक मूर्तिकार है। मूर्ति बनाने से पूर्व पत्थर पर छेनी व हथोड़ी से ठोकता है। उसके बाद जो मूर्ति तैयार होती है वह अलग होती है। ऐसे ही शिक्षक पढ़ाई के दौरान दंड देता है तो उस छात्र के बेतहर भविष्य के लिए होता है।

बच्चों ने भी अपने प्रतिभा का लोह मनवाया। सांकृतिक कार्यक्रमों में कई राज्यों कि झलक के अलावा वाराणसी कि गंगा आरती, बंगाल का दुर्गा पूजा या फिर पंजाब का भाँगड़ा हर राज्य कि प्रस्तुति से मन मोह लिया। एस दौरान विद्यालय के चेरमैन विरजू अग्रहरि, डॉक्टर अखिलेश अग्रहरि, राजेंद्र प्रताप सिंह, राजेंद्र पाण्डेय, पिंटू सिंह, राजीव अग्रहरि सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।