पीड़ित परिवार का कहना लाश पड़ी थी हॉस्पिटल वाले बिल पर बिल पकड़ाते रहे

Chandauli news : मौत के सौदागर गली-गली जाने लगे, खुले थे जो दरवाजे, बंद कराने लगे, जो एक दिया न जला सके कभी, आज वो पूरा शहर जलाने लगे।। कुमार ऋषि की यह शायरी आज उन निजी हॉस्पिटलों पर सटीक बैठ रही जो अपने कारनामें संगठन कि आड़ में या फिर पैसों के बल पर बैठ रही है। पिछले दिनों मुगलसराय के एक हॉस्पिटल में बिहार की एक मरीज को उनके एजेंटो ने भर्ती कराया। कंडीशन चाहे जो भी रहा हो लेकिन ईलाज के दौरान लड़की की मौत हो गयी। परिजनो ने आरोप लगाया की अस्पताल में लापरवाही हुई है।
परिजनों का आरोप है की बात इतना अधिक तब बढ़ा और सार्वजनिक हुआ ज़ब मौत के बाद भी पीड़िता के परिजनों को बिल पर बिल अस्पताल कर्मी पकड़ाते गये। यहीं नहीं बकायदे लाश को अस्पताल में बंधक रख लिया गया। बात सार्वजनिक होने पर कुछ मिडिया कर्मियों का दखल हो गया। अब उनके काले कारनामें सार्वजनिक होने लगे। हलांकि बाद में परिजनों को संतुस्ट करते हुए अस्पताल संचालक ने सुलह समझौता कर लिया। उधर गैर प्रान्त से ईलाज कराने आये परिजनों ने किसी तरह शव को लेकर चले गए। उधर ईलाज के नाम पर लूट का पर्दाफाश होने से भिन्नाये चिकित्सक से संगठन की आड़ में पैसा मांगने व छवि धूमिल करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा करा दिया। पुलिस भी भले ही अन्य मामले के शिकायती पत्र को पॉकेट में लेकर हफ्ते भर घूमती रहे लेकिन एस मामले में बिना तहकीकात किये मुकदमा भी दर्ज कर ली।