बिना शूटर के पकड़ाए ही हत्या का सुपारी देने वाले हो गये गिरफ्तार

Chandauli news : मुगलसराय के दवा ब्यवसाई रोहिताश पाल उर्फ़ रोमी के हत्या का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। लेकिन खुलासा के पीछे की जो कहानी पुलिस बता रही इससे यह साबित हो रहा की ब्यापारी के हत्या के बाद बढ़ते दबाव को कम करने के लिए पुलिस गोलमोल खुलासा कर दी है।
दवा व्यवसाई के रोहिताश पाल उर्फ़ रोमी की हत्या का दुकान बंद कर घर जाने से पहले बदमाश ने लक्ष्य कर गोली मार दिया। घटना करने के बाद बदमाश पैदल ही निकल गया। जानकारी के बाद मौके पर कई थानों की फोर्स पहुंच गयी। घटना के खुलासा को लेकर एसटीएफ को लगाया गया लेकिन हत्यारोपी को पुलिस पकड़ नही पायी।
इधर घटना को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों पुलिस पर हमलावर हो गया। प्रदेश स्तर के नेता यहां पहुंचने लगे स्थिति यह हो गयी पुलिस पर लगातार दबाव बढ़ता गया। बढ़ते दवाव के बाद अंततः मुख्य आरोपी के पकड़ की बात तो दूर पुलिस शिनाख्त तक नही कर पायी। जैसे जैसे समय व्यतीत होता गया। पुलिस के लिए किरकिरी होती रही। पुलिस ने हत्या के पीछे की कहानी पीछे की कहानी का पर्दाफाश करते हुए तीन को गिरफ्तार किया है। जिसमें ओम प्रकाश जायसवाल पुत्र स्व) मानिक चन्द जायसवाल निवासी म0न0 418 लाट न0-02 थाना मुगलसराय, मनोज कुमार जायसवाल पुत्र स्व० विषेश्वर प्रसाद निवासी गल्ला मण्डी चौराहा मकान 46 थाना मुगलसराय, भानू जायसवाल पुत्र स्व० जय नारायण जायसवाल निवासी बाजार जजीद नदेसर दीप अपार्टमेंट फ्लैट न0-01 थाना कैण्ट वाराणसी। को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया की घटना के खुलासा को लेकर पुलिस की 09 टीम लगायी गयी थी। जिसमें विवेचनात्मक कार्यवाही में अभियुक्तो से पूछताछ में ज्ञात हुआ कि अभियुक्त भानू जायसवाल द्वारा मृतक रोहितास पाल उर्फ रोमी की थाना मुगलसराय पुलिस अन्तर्गत कन्हैया टाकिज की पैतृक सम्पत्ति, (जो अंश मृतक के दादा स्व० राजाराम की थी) को स्व० राजाराम की दूसरी पत्नी स्व० शान्ति देवी की पुत्रियो प्रीती, गीता पाल, उमा पाल, निशा पाल, वीणा पाल द्वारा फर्जी तरीके से वरासतन अपना नाम दर्ज कराकर कम कीमत पर भानू जायसवाल को बेच दिया गया था। उक्त जमीन पर भानू जायसवाल कब्जा दाखिल होना चाह रहे थे जिसका विरोध बार बार मृतक रोहितास पाल उर्फ रोमी द्वारा किया जा रहा था तथा रोहितास द्वारा भानू जायसवाल के बैनामे को कैन्सिलेशन हेतु न्यायालय में मुकदमा किया गया था। जमीन दाखिल न होने पर यह लोग नाराज थे जिससे मृतक को रास्ते से हटाने के लिए योजना बनाये थे।