चकिया पुलिस ने 1-1 लाख से किया पाबंद
Chandauli news : जमीनी या घरेलू विवाद में एक बार पुलिस 151 में चालान कर दी इसके बाद फिर से मारपीट किये तो अब सीधे उन लोंगो कि निगरानी पाबंदी एप करेगा। इस ऐप के तहत अब कार्यवाही भी शुरू हो गयी। चकिया पुलिस ने पाबंदी एप के तहत दो पक्ष से कुल पांच लोंगो को ₹ 1-1 लाख से 1 वर्ष के लिए पाबंद किया।
राजस्व के मामले में बार बार मारपीट कि घटना के बाद भी पुलिस के हाथ बंध जाते है। कार्यवाही के नाम पर अधिकारियों कि खरी खोटी न सुननी पड़े इसके लिए 151 का चालान कर देती है। 151 में चालान का जमानत एसडीएम स्तर से ही हो जाता है।कभी कभी तो एसडीएम के स्टोनो ही जमानत दें देते है। इससे पुलिसिया कार्यवाही का कोई असर नहीं दिखता। कुछ मामले में थोड़ा इससे अधिक 107/16 में दर्ज कर निगरानी रखती है। अब पुलिस इस तरह कि कार्यवाही करके इसे यक्ष पोर्टल पर दर्ज करेगी। जिसे पाबंदी एप से निगरानी कि जाएगी। एस तकनीतिकी एप का चकिया पुलिस ने प्रयोग करते हुए कुल सात लोंगो को एक एक लाख रुपया से पाबंद किया है। पुलिस ने बताया कि दिनांक 29.07.2025 व 14.01.2026 को प्रथम पक्ष एवं द्वितीय पक्ष के मध्य जमीन पर कब्जेदारी के सम्बन्ध में हुए विवाद के दृष्टिगत धारा दोनों पक्षों के विरूद्ध 170/126/135 बी०एन०एस०एस० की कार्यवाही की जा चुकी है किन्तु दोनों पक्षों द्वारा लगातार जमीन के सम्बन्ध में वाद विवाद किया जा रहा है। जिसके सम्बन्ध में दिनाँक 20.02.2026 को माननीय न्यायालय द्वारा प्रथम पक्ष के प्रथम पक्ष के गुरुचरन पुत्र स्व० कल्लू, रंगीले पुत्र स्व० रामप्रसाद, मुनील पुत्र स्व० रामप्रसाद एवं द्वितीय पक्ष के रमेश पुत्र राम अधार, मोनू पुत्र रमेश राजू उर्फ रतन पुत्र रमेश, महेश पुत्र राम अवार, शमशेर उर्फ विजयी पुत्र लालजी यादव निवासीगण ग्राम बुढ़वल थाना चकिया को एक वर्ष तक परिशांति कायम रखने हेतु मु० 100000.00 (एक लाख) रू० के व्यक्तिगत बंध पत्र एवं उतनी ही धनराशि के दो प्रतिभूति से पाबंद किया गया है। उक्त अवधि में किसी भी अभियुक्त द्वारा किसी भी प्रकार की परिशांति भंग की जाती है अथवा उनके किसी भी कृत्य से शांति भंग होने की आशंका को बल मिलता है, तो बंध पत्र की धनराशि नियमानुसार जब्त करते हुए नियत समय के लिए करावास में निरूद्ध किया जायेगा।