- निर्दोष होने के बावजूद 84 दिन तक चौकाघाट जेल में किया ब्यतीत
- मुख्यमंत्री के आदेश पर गैर जनपद से हुआ विवेचना, तब खुला पुलिस के फर्जीवाड़े का राज

Chandauli news : मेरे गुनाह ज्यादा हैं या तेरी रहमत
करीम तू ही बता दे हिसाब कर के मुझे– मुज़्तर ख़ैराबादी की यह लाईन साहब के अतुल प्रेम पर सटीक बैठ रही है। बेगुनाहों को फर्जी विस्फोटक के साथ जेल भेज दिया गया। मामला उच्च स्तरीय जांच में खुलासा हो गया फिर भी दोषी पुलिस कर्मियों को बचाया जा रहा है। जो चर्चा का विषय ही नहीं अब किरकिरी करा रहा है।

बलुआ थाना के मोहरगंज चौकी अंतर्गत खुशबू किन्नर के घर हुए विस्फोट के मामले में बलुआ थाना के तत्कालीन प्रभारी ने पांच लोंगो को अलग अलग दिनों में जेल भेज दिए। इसमें से तीन व्यक्तियों मनोज, विशाल व मनीष को फर्जी जेल भेज दिया। जेल भेजनें के साथ साथ जिलेटिंग राड़ भी पुलिस ने इन सभी के कब्जे से दिखाया था। जिसका खुलासा पीड़ित के परिजनों ने ज़ब मुख्यमंत्री से शिकायत किया तब जांच के बाद हुआ।
मुख्यमंत्री से परिवार के लोग नहीं मिले होते तो पुलिस निर्दोष होने के बाद भी पैरवी कराकर इन सभी को सजा करा देती। अब निर्दोष लोंगो को जेल भेजनें का खुलासा होने के बाद भी दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही करने की बजाय पुलिस अधीक्षक के अतुल प्रेम ने पीड़ितों को आहत कर दिया। स्थिति यह हो गयी की थाना प्रभारी से बुलाकर पेशकार बना दिया गया। इसके बाद लम्बी छुट्टी दे दी गयी। जबकि मुख्यमंत्री ने निलंबित करने का निर्देश दिए है। सूबे के मुखिया का आदेश भी यहां अतुल प्रेम के सामने घुटने टेक दिया।
पीड़ित न्याय की उम्मीद का राह देखते देखते हताश हो गया। इसके बाद अब अपने मान हानि व निर्दोष होने के बाद भी 84 दिन तक जेल में प्रताड़ना सहने से शरीर व मन के उभरे घाव पर मरहम लगाने के लिए न्यायालय के द्योढ़ी पर मत्था टेका है। पीड़ित ने बताया की अपने बहन को खिचड़ी लेकर आये रिस्तेदार को भी जबरदस्ती तत्कालीन थाना प्रभारी ने उठाकर जेल भेज दिया। जिसके उपर अब तक 151 का चालान भी नहीं हुआ उसे फर्जी विस्फोटक के साथ जेल भेज दिया गया। मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए मनोज सिंह ने कहा की यदि मुख्यमंत्री जी गंभीरता नहीं दिखाए होते तो बेगुनाह होते हुए भी पुलिस सजा करा दी होती। ऐसे पुलिस के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए लेकिन वरिष्ठ अधिकारी अपने मातहत को बचा रहे है। इसके लिए 156/3 के तहत न्यायालय में अर्जी दिए है।